चंबा: हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के बाद पहाड़ों के दरकने और भूस्खलन की घटनाएं लगातार लोगों के लिए खतरा बनी हुई हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में कब कौन सा पत्थर या मलबा जिंदगी पर भारी पड़ जाए, इसका कोई भरोसा नहीं। अब चंबा जिले के चुराह से एक ऐसा ही दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां पहाड़ी से अचानक गिरे भारी पत्थरों ने एक परिवार से उसका जवान बेटा छीन लिया।
चुराह उपमंडल की चरड़ा पंचायत में हुए इस हादसे में आलमगीर पुत्र जुमण, निवासी गांव गुवाड़ी, डाकघर चरड़ा की मौत हो गई। आलमगीर घर से किसी जरूरी काम के लिए निकला था, लेकिन उसे क्या पता था कि रास्ते में दरकती पहाड़ी उसकी जिंदगी का आखिरी पड़ाव बन जाएगी।
घारे को पार करते दरक गई पहाड़ी
जानकारी के अनुसार आलमगीर किसी जरूरी काम के सिलसिले में घर से निकला था। जब वह गुवाड़ी गांव के समीप घारे को पार कर रहा था, उसी दौरान अचानक पहाड़ी से पत्थर गिरने लगे। पलक झपकते ही ऊपर से भारी पत्थर नीचे आने लगे। आलमगीर को संभलने या सुरक्षित स्थान की ओर जाने तक का मौका नहीं मिल पाया। तेज रफ्तार से नीचे आए पत्थरों की चपेट में वह बुरी तरह आ गया और गंभीर रूप से घायल होकर वहीं गिर पड़ा।
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ग्रामीणों ने बचाने का किया प्रयास
हादसा होते ही आसपास मौजूद ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़े। लोगों ने अपनी जान की परवाह किए बिना आलमगीर को बचाने की कोशिश की। ग्रामीणों ने उसे पत्थरों के बीच से निकालने का प्रयास किया, लेकिन चोटें इतनी गंभीर थीं कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई। कुछ ही देर में जिस रास्ते पर रोजमर्रा की आवाजाही होती थी, वहां मातम पसर गया। हादसे की खबर जैसे ही गांव तक पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया। जिस जवान बेटे के घर लौटने का इंतजार था, उसकी मौत की खबर ने परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शुरू की कार्रवाई
घटना की सूचना तत्काल पुलिस चौकी नकरोड़ को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों के बयान दर्ज किए और आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
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प्रशासन ने भेजी राजस्व विभाग की टीम
चरड़ा पंचायत के उपप्रधान ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि पहाड़ी से अचानक पत्थर गिरने के कारण यह दर्दनाक घटना हुई। वहीं, तहसीलदार चुराह आशीष ठाकुर ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही राजस्व विभाग की टीम को घटनास्थल पर भेज दिया गया था।
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बारिश के बाद पहाड़ बने जानलेवा
हिमाचल प्रदेश में मानसून के दौरान भारी बारिश के बाद पहाड़ों के दरकने और भूस्खलन का खतरा लगातार बढ़ जाता है। चट्टानों के खिसकने और अचानक मलबा गिरने से कई सड़कें और रास्ते प्रभावित होते हैं। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में आवाजाही करने वाले लोगों के लिए खतरा और बढ़ जाता है। चुराह का यह हादसा भी इसी खतरे की भयावह तस्वीर सामने लाता है। आलमगीर अपने घर से सामान्य रूप से निकला था, लेकिन रास्ते में अचानक गिरे पत्थरों ने परिवार की खुशियां उजाड़ दीं।
