सिरमौर। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले से एक दुखद खबर सामने आई है। उपमंडल संगड़ाह के लगनू गांव में बैल के हमले से एक बुजुर्ग की मौत हो गई है। जिस बैल को बुजुर्ग ने बच्चों की तरह पाला, दिन-रात उसकी सेवा की- उसी बैल ने उसकी जान ले ली। बुजुर्ग की मौत के बाद पूरे परिवार व इलाके में मातम पसरा हुआ है।
बैल को बांध रहा था बुजुर्ग
परिजनों ने बताया कि बुजुर्ग पर हमला किसी लावारिस बैल ने नहीं, बल्कि अपने ही घर में पाले एक बैल ने किया। घटना के वक्त बुजुर्ग पशुशाला में बैल को बांधने गया था। मगर किसी को क्या पता था वहां उसके साथ ऐसा कुछ हादसा हो जाएगा।
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बैल ने कर दिया हमला
परिजनों ने बताया कि 65 वर्षीय बुजुर्ग चेतरामके साथ ये हादसा बीती 16 दिसंबर को पेश आया है। चेतराम लगनू गांव का रहने वाला था। रोज की तरह उस दिन भी चेतराम अपने घर की पशुशाला में बैलों को खूंटे से बांधने गया था। बैलों को बांधते वक्त एक बैल उग्र हो गया और उसने चेतराम पर हमला कर दिया।
गंभीर घायल हुआ बुजुर्ग
बैल ने अपने सींगों से चेतराम के चेहरे पर हमला किया और उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। चेतराम के चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे और उसे आनन-फानन में उपचार के लिए ददाहू अस्पताल ले गए। जहां पर मौजूद डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार देने के बाद चेतराम को नाहन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
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नहीं बच पाया बेचारा
नाहन मेडिकल कॉलेज में कई दिन इलाज चला, लेकिन चेतराम की हालत में कुछ सुधार नहीं हुआ। जिसके चलते डॉक्टरों ने उसे चंडीगढ़ रेफर कर दिया। मगर तमाम कोशिशों और इलाज के बावजूद चेतराम की जान नहीं बच सकी। उसने उपचार के दौरान बीते कल अस्पताल में दम तोड़ दिया।
पूरे गांव में पसरा मातम
चेतराम के असमय निधन के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। लोगों का कहना है कि चेतराम बहुत मेहनती और मिलनसार व्यक्ति थे। चेतराम अपने परिवार का पालन-पोषण करने वाले प्रमुख सदस्य थे।
