ऊना। ऊना। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला की जेजों खड्ड में बाढ़ में लापता हुए जीजा और साली का शव हादसे के चार दिन बरामद हुआ है। दोनों के शव रेत में दबे हुए थे। मृतकों की पहचान स्वरूप चंद और सुरेंद्र कौर उर्फ शन्नो के रूप में हुई है।
गाड़ी समेत बह गए थे 12 लोग
आपको बता दें कि हादसा बीते रविवार को पेश आया था। सुबह करीब आठ बजे देहलां लोअर और भटोली से चालक समेत 12 लोग इनोवा गाड़ी में पंजाब के नवांशहर में एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। मगर जेजों खड्ड में आए उफान आने के कारण इनकी गाड़ी फंस गई। हादसे में गाड़ी समेत उसमें सवार 12 लोग बह गए। यह भी पढ़ें: हिमाचल के इन अफसरों को मिलेगा बहादुरी सम्मान, यहां देखें पूरी लिस्टरेत के नीचे दबे मिले जीजा-साली के शव
वहीं, स्थानीय लोगों द्वारा दीपक नाम के व्यक्ति को रेस्क्यू कर लिया गया। मगर 11 लोगों को नहीं बचाया जा सका। वाहन चालक समेत एक ही परिवार के आठ शव बरामद कर लिए गए थे। मगर हादसे के बाद से दो लोग लापता थे- जिनके शव रेत के नीचे दबे हुए मिले हैं। दोनों शव पंजाब पुलिस ने बरामद कर लिए हैं।एक साथ जली थी आठ चिताएं
उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले ही इस हादसे के शिकार हुए बाकी लोगों का अंतिम संस्कार हुआ था। एक ही परिवार के आठ लोगों की चिताएं एक साथ जलाई गई थी। मृतक ऊना जिले के देहला और भटोली के रहने वाले थे। यह भी पढ़ें: हिमाचल के बैंक में हुआ करोड़ों का घोटाला, लोगों के FD वाले पैसे खा गया असिस्टेंट मैनेजरपिता ने दी अपनी 2 बेटियों और बेटे को मुखाग्नि
हादसे में सरूप चंद के परिवार के पांच लोगों और सुरेंद्र कौर के तीन बच्चों का भरौर साहिब में सतुलज नदी के तट पर अंतिम संस्कार किया गया। सरूप चंद के परिवार को मुखागिन बहरीन में रह रहे उनके बेटे नंद किशोर ने दी। जबकि, सुरेंद्र कौर के पति अमरीक सिंह ने मस्कट से आकर अपने बच्चों को मुखागिन दी।एक ही बच पाया, 11 लोगों की गई जान
मृतकों की पहचान-- सुरजीत कुमार पुत्र गुरदास राम
- परमजीत कौर पत्नी सुरजीत कुमार
- गगन कुमार पुत्र सुरजीत कुमार
- पलविंदर कौर पत्नी सरूप चंद
- नितिन पुत्र सरूप चंद
- अमानत पुत्री अमरीक सिंह
- भावना पुत्री अमरीक सिंह
- हर्षित पुत्र अमरीक सिंह
- कुलविंद्र सिंह पुत्र हुकम सिंह (वाहन चालक)
- सुरेंद्र कौर उर्फ शिन्नो पत्नी अमरीक सिंह
- सरूप चंद पुत्र गुरदास राम
