शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के रामपुर बुशहर में शुक्रवार सुबह हुए दर्दनाक एचआरटीसी बस हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। रायशरण के पास सनेई रूट पर जा रही हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की बस अचानक सड़क से फिसलकर नीचे जा गिरी।
इस दर्दनाक हादसे में 20 वर्षीय युवक वंश की मौत हो गई, जबकि करीब 24 अन्य यात्री घायल हो गए। लेकिन इस हादसे की सबसे दर्दनाक तस्वीर उस परिवार की है, जिसने अपना इकलौता बेटा खो दिया। जिस बेटे से माता-पिता को बुढ़ापे के सहारे और बेहतर भविष्य की उम्मीद थी, उसकी असमय मौत ने परिवार को कभी न भरने वाला जख्म दे दिया है।
तीन बहनों का इकलौता भाई था वंश
हादसे में जान गंवाने वाला 20 वर्षीय वंश गांव कराली, डाकघर डंसा, तहसील रामपुर का रहने वाला था। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा और तीन बहनों का अकेला भाई था। उसकी तीनों बहनों की शादी हो चुकी थी और परिवार की उम्मीदें वंश से जुड़ी थीं। उम्र के उस पड़ाव पर, जहां एक युवक के सपनों को उड़ान मिलनी शुरू होती है, वहीं वंश की जिंदगी अचानक थम गई।
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बेटे की मौत की खबर ने माता-पिता को गहरे सदमे में डाल दिया है। जिस बेटे को पाल-पोसकर बड़ा किया, जिसके सहारे जीवन की आगे की राह देखने की उम्मीद थी, उसी बेटे को खोने का दर्द परिवार के लिए असहनीय हो गया है। घर का इकलौता चिराग बुझने से परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा है, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। वंश की मौत से न केवल उसके घर में मातम पसरा है, बल्कि पूरे कराली गांव और रामपुर क्षेत्र में शोक की लहर है।
सड़क से करीब 40 मीटर नीचे पलटी बस
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे एचआरटीसी की बस सनेई से रामपुर की ओर आ रही थी। इसी दौरान रामपुर से लगभग 15 किलोमीटर दूर रायशरण के पास एक मोड़ पर बस अनियंत्रित हो गई और सड़क से करीब 40 मीटर नीचे जा गिरी। बस के पलटते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए। दुर्घटनाग्रस्त बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने के लिए लोगों ने मदद की। इसके बाद घायलों को निजी वाहनों की सहायता से रामपुर के खनेरी अस्पताल पहुंचाया गया।
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वंश ने अस्पताल पहुंचने से पहले रास्ते में तोड़ा दम
इस दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल वंश की जान नहीं बचाई जा सकी। बताया जा रहा है कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। हादसे में 24 अन्य यात्रियों के घायल होने की जानकारी है। घायलों में डेढ़ और दो साल के दो मासूम बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं। कुछ यात्रियों को सिर पर गंभीर चोटें आने की सूचना है। सभी घायलों को उपचार के लिए खनेरी अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
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एक तरफ अस्पताल में घायलों के उपचार का सिलसिला जारी रहा, तो दूसरी तरफ वंश की मौत की खबर ने उसके परिवार और परिचितों को गम में डुबो दिया। हादसे में घायल हुए यात्रियों के परिजन उनकी सलामती की दुआ करते रहे, जबकि वंश के परिवार के सामने जिंदगी का सबसे बड़ा दुख आ खड़ा हुआ।
मृतक:
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वंश (20) पुत्र सुरेन्द्र सुरजन गांव कराली रामपुर
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घायलों की लिस्ट:
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हेमलता (47) पत्नी केयर सिंह गांव कराली, रामपुर
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श्याम लाल जोशी (76) पुत्र थोती राम गांव जगुणी, रामपुर
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सेवा राम (38) पुत्र मोहन लाल गांव जगुणी रामपुर
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सानवी (2) पुत्री करण सिंह गांव जगुणी रामपुर
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राकेश कुमार (31) पुत्र सीताराम गांव कराली, रामपुर
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भगवान साही (60) स्व० करन सिंह रामपुर
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शाहिद पुत्र (27) तोफिक गांव कुटेशरा मुजफ्फरनगर (UP)
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रितिका (18) पत्नी हनी गांव जगुणी रामपुर
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पूनम (28) पत्नी अविनाश गांव भाणा, रामपुर
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अविनाश (31) पुत्र लायक रामगांव भाणा रामपुर
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गुंजन (11) पुत्री श्यामलाल गांव हलोग रामपुर
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कती देवी (53) पत्नी राकेश कुमार नेगी गांव सनाली रामपुर
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खुशी पत्नी (22) विपन नेगी गांव थाचवा निरमंड कुल्लु
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अनाया (18 महीने) पुत्री विपिन गांव थाचवा रामपुर निरमंड कुल्लु
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सन्तोष कुमार (51) पुत्र बिशन दास डोगरा, घुमारवी जिला बिलासपुर (कंडक्टर)
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पवन कुमार (42) पुत्र लेख राम गांव कुटेला बिलासपुर (ड्राइवर)
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प्रताप हुडन (50) स्व० हुडन लाल गांव सनेई रामपुर
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गोपाल दासी (65) पत्नी गुरुदास गांव जगुणी रामपुर
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सुमित्रा (56) अशोक चौहान गांव थाना रामपुर
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पदम दास (42) पुत्र मीर दास गांव कराली रामपुर शिमला
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पुष्पा देवी (46) पत्नी कौल राम गांव जगुणी रामपुर
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मोहमद उजैल (34) पुत्र मोहमद नायम गांव व डा मुजफ्फरनगर (UP)
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प्रताप (30) पुत्र कृष्ण लाल गांव सनेई रामपुर जिला शिमला व उम्र 30 वर्ष
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सामदासी
गोशाला के पास जाकर रुकी बस
हादसे के बाद सामने आई जानकारी के अनुसार, बस नीचे गिरने के बाद एक गोशाला के पीछे जाकर रुकी। बताया जा रहा है कि यदि बस वहां रुकने के बजाय और नीचे की ओर पलटती, तो दुर्घटना और भी भयावह हो सकती थी। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को बाहर निकालने और अस्पताल पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
हादसे से एक दिन पहले भी खराब हुई थी बस
इस दुर्घटना के बाद बस की तकनीकी स्थिति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, यही बस गुरुवार को रामपुर के झाकड़ी के पास भी खराब हो गई थी। आरटीओ नरेश वर्मा ने भी बस के एक दिन पहले खराब होने की पुष्टि की है।
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बताया गया है कि यात्रियों के अनुसार, बस सामान्य गति से चल रही थी और उसकी रफ्तार नियंत्रण में थी। इसी दौरान अचानक आवाज आई और बस पलट गई। हालांकि, बस के पहले खराब होने और शुक्रवार को हुए हादसे के बीच कोई सीधा संबंध था या नहीं, यह जांच का विषय है। दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल पाएगा।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। दुर्घटना के कारणों, बस की तकनीकी स्थिति और अन्य संबंधित पहलुओं की जांच की जा रही है। हादसे के बाद एचआरटीसी बसों की फिटनेस और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
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रामपुर का यह हादसा अपने पीछे कई सवाल और एक परिवार के लिए जिंदगी भर का दर्द छोड़ गया है। वंश के माता-पिता ने अपना इकलौता बेटा खो दिया, जबकि तीन बहनों के सिर से उनके इकलौते भाई का साया उठ गया। सड़क पर हुआ यह हादसा कुछ ही पलों में एक परिवार की दुनिया उजाड़ गया। अब कराली गांव में वंश की यादें तो रहेंगी, लेकिन माता-पिता को अपने बेटे की कमी हर दिन महसूस होगी।
