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October 8, 2026
हिमाचल के लिए मोदी सरकार ने फिर खोला खजाना, मिलेगी करोड़ों रुपए की सहायता; जानें कहां होगी खर्च
दो मदो में केंद्र की मोदी सरकार हिमाचल को देगी 100 100 करोड़ रुपए
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शिमला। खराब अर्थव्यवस्था और आर्थिक संसाधनों की भारी कमी के चलते मुश्किलों में घिरे हिमाचल प्रदेश के लिए केंद्र की मोदी सरकार एक बार फिर संकटमोचक बनकर सामने आई है। कठिन दौर से गुजर रहे पहाड़ी राज्य की मदद के लिए केंद्र सरकार ने समय-समय पर हमेशा आगे बढ़कर अपना हाथ बढ़ाया है और अब एक बार फिर केंद्र की मोदी सरकार ने हिमाचल प्रदेश के लिए अपना खजाना खोल दिया है।
राज्य सरकार द्वारा 'सासकी' के तहत भेजे गए प्रस्ताव पर मुहर लगाते हुए केंद्र ने हिमाचल के लिए 200 करोड़ रुपये की बड़ी वित्तीय सहायता को सैद्धांतिक रूप से मंजूर कर लिया है। यह राशि दो महत्वपूर्ण मदों में उपलब्ध करवाई जाएगी, जिसमें 100 करोड़ रुपये फर्टिलाइजर और 100 करोड़ रुपये प्रोक्योरमेंट के लिए प्रस्तावित हैं। इस ऐतिहासिक मदद से प्रदेश की डगमगाती अर्थव्यस्था को पटरी पर लाने और रबी सीजन की तैयारियों को गति देने में बहुत बड़ी मदद मिलेगी।
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वित्तीय संसाधनों को लेकर चुनौतियों का सामना कर रहे हिमाचल के लिए केंद्र की यह मंजूरी ऐसे समय में आई है, जब राज्य सरकार के सामने एक साथ कई जरूरी खर्चों को पूरा करने की जिम्मेदारी है। केंद्र सरकार की ओर से समय-समय पर हिमाचल को विभिन्न मदों में सहायता उपलब्ध करवाने की बात सामने आती रही है और अब एक बार फिर 200 करोड़ रुपये की मंजूरी से राज्य को राहत मिलने की उम्मीद है।
केंद्र से मिलने वाले 200 करोड़ रुपये में से 100 करोड़ रुपये फर्टिलाइजर यानी खाद की खरीद और उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे। यह राशि रबी सीजन की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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नवंबर और दिसंबर के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में गेहूं, जौ, चना, सरसों, राई और अलसी जैसी फसलों की बुआई होती है। इसके साथ ही मटर, पत्तेदार सब्जियों और अन्य रबी फसलों की बिजाई का काम भी शुरू हो जाता है। ऐसे में किसानों के लिए समय पर खाद उपलब्ध कराना जरूरी है। 100 करोड़ रुपये की सहायता से खाद की खरीद और आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
दूसरी तरफ, केंद्र से मंजूर किए गए 100 करोड़ रुपये प्रोक्योरमेंट यानी आवश्यक सरकारी खरीद से जुड़े कार्यों के लिए होंगे। इस राशि का इस्तेमाल विभिन्न विभागों और सरकारी योजनाओं के तहत जरूरी खरीद प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में किया जाएगा। धनराशि जारी होने के बाद संबंधित विभाग स्वीकृत मदों के अनुसार खरीद और भुगतान की प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकेंगे। इससे उन जरूरी सरकारी कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है, जिनके लिए वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता होती है।
200 करोड़ रुपये की सैद्धांतिक मंजूरी के बाद अब राज्य सरकार के लिए अगला अहम पड़ाव धनराशि का वास्तविक आवंटन और रिलीज होना है। जैसे ही पैसा राज्य को प्राप्त होता है, खाद की खरीद और सरकारी प्रोक्योरमेंट से जुड़े कामों में तेजी लाने की तैयारी है। सरकार के सामने रबी सीजन की समयबद्ध तैयारियां पूरी करने के साथ-साथ विभिन्न विभागों की आवश्यकताओं को पूरा करने की चुनौती भी है। ऐसे में केंद्र से मिलने वाली राशि को राज्य के लिए तत्काल वित्तीय राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
वित्तीय दबाव से जूझ रहे हिमाचल के लिए केंद्र की यह मंजूरी ऐसे समय पर आई है जब प्रदेश को रबी सीजन की तैयारियों के साथ कई आवश्यक खर्चों का प्रबंधन करना है। 200 करोड़ रुपये की मंजूरी से राज्य सरकार को तत्काल जरूरतों को पूरा करने के लिए अतिरिक्त वित्तीय गुंजाइश मिलने की उम्मीद है। अब राज्य सरकार को केंद्र से स्वीकृत राशि के जल्द जारी होने का इंतजार है। राशि मिलते ही फर्टिलाइजर की खरीद और प्रोक्योरमेंट से जुड़े कार्यों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाया जाएगा।