शिमला। हिमाचल प्रदेश में बिजली सब्सिडी को लेकर सरकार ने बड़ा बदलाव किया है। इससे उपभोक्ताओं को राहत भी मिलेगी और व्यवस्था में पारदर्शिता भी आएगी। अब लोगों को बिजली सब्सिडी का लाभ लेने के लिए बोर्ड कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

बिजली सब्सिडी का नया सिस्टम 

इसके लिए बिजली बोर्ड एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च करने जा रहा है। जिसके जरिए उपभोक्ता अब अपने घर बैठे ही राशन कार्ड को बिजली मीटर से लिंक कर सकेंगे।

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घर बैठे होगा राशन कार्ड से मीटर लिंक

बिजली बोर्ड की ओर से यह ऑनलाइन प्रक्रिया 15 अप्रैल से शुरू की जा रही है। इस पोर्टल पर उपभोक्ताओं को अपना राशन कार्ड नंबर और बिजली मीटर से जुड़ी जानकारी दर्ज करनी होगी। इसके बाद विभाग द्वारा सत्यापन किया जाएगा और प्रक्रिया पूरी होने पर राशन कार्ड और मीटर को लिंक कर दिया जाएगा।

अब सिर्फ दो मीटर पर ही मिलेगी सब्सिडी

प्रदेश सरकार ने बिजली सब्सिडी के नियमों में भी बदलाव किया है। पहले जहां हर बिजली मीटर पर 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलती थी, वहीं अब यह सुविधा सीमित कर दी गई है। नई व्यवस्था के तहत एक राशन कार्ड पर अधिकतम दो बिजली मीटर ही लिंक किए जा सकेंगे और उन्हीं पर सब्सिडी मिलेगी।

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300 यूनिट बिदल फ्री

सरकार के फैसले के अनुसार, कुल 300 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ मिलेगा, लेकिन यह दो मीटरों में बंटा होगा। यानी एक मीटर पर अधिकतम 125 यूनिट तक ही मुफ्त बिजली दी जाएगी।

कई मीटर वाले उपभोक्ताओं पर असर

जिन उपभोक्ताओं के घरों या संपत्तियों में दो से ज्यादा बिजली मीटर हैं, उन्हें अब केवल दो मीटरों पर ही सब्सिडी मिलेगी। बाकी मीटरों पर सामान्य दर से बिजली बिल देना होगा। इससे उन उपभोक्ताओं पर असर पड़ेगा, जिन्होंने अलग-अलग हिस्सों के लिए कई मीटर लगवा रखे हैं।

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मीटर बदलने करने की भी सुविधा

नई व्यवस्था में एक और राहत यह दी गई है कि अगर कोई उपभोक्ता पहले से लिंक किए गए मीटर को बदलना चाहता है, तो वह ऐसा कर सकता है। इसके अलावा जिन लोगों ने अब तक अपने राशन कार्ड को किसी भी मीटर से लिंक नहीं किया है, उन्हें भी यह प्रक्रिया पूरी करने का मौका दिया जाएगा।

सरकार का मकसद:

सरकार का कहना है कि पहले हर मीटर पर मुफ्त बिजली देने की व्यवस्था से आर्थिक बोझ काफी बढ़ रहा था। कई जगह एक ही परिवार के नाम पर कई मीटर होने के कारण सब्सिडी का दायरा भी बढ़ गया था। नई नीति के जरिए इस खर्च को नियंत्रित करने और सही लाभार्थियों तक सुविधा पहुंचाने का प्रयास किया गया है।

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उपभोक्ताओं को मिलेगा बड़ा फायदा

ऑनलाइन सिस्टम लागू होने से लोगों का समय बचेगा और प्रक्रिया भी आसान हो जाएगी। अब न तो लंबी लाइनों में लगना पड़ेगा और न ही दफ्तरों के चक्कर काटने होंगे। साथ ही डिजिटल रिकॉर्ड बनने से गड़बड़ियों की संभावना भी कम होगी।

कैसे लिंक होगा राशन कार्ड और मीटर?

लिंक करने की प्रक्रिया भी काफी सरल रखी गई है। उपभोक्ताओं को ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपना राशन कार्ड नंबर, बिजली मीटर का विवरण और अन्य जरूरी जानकारी भरनी होगी। इसके बाद संबंधित विभाग द्वारा डाटा का सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन पूरा होते ही राशन कार्ड और बिजली मीटर आपस में लिंक हो जाएंगे और उपभोक्ता को सब्सिडी का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।

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