शिमला। हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक बीती रात ऐसा भीषण तूफान और आंधी चली, जिसने कुछ समय के लिए लोगों को डर के आगोश में धकेल दिया। रविवार आधी रात के बाद अचानक बदले मौसम ने पूरे प्रदेश में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया। तेज गर्जना, काले बादलों और मूसलाधार बारिश के बीच चली तेज हवाओं ने कई जिलों में भारी तबाही मचाई। कहीं घरों और स्कूलों की छतें उड़ गईं तो कहीं पेड़ वाहनों पर गिरकर उन्हें चकनाचूर कर गए। कई इलाकों में घंटों बिजली गुल रही और सड़कों पर आवाजाही बाधित हो गई।
प्रदेश के कुल्लू, मंडी, कांगड़ा और शिमला जिलों में तूफान का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। मौसम विभाग ने सोमवार के लिए चार जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि 12 और 13 मई के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित कर भारी बारिश, तूफान और ओलावृष्टि की चेतावनी दी है।
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घरों और गौशालाओं की छतें उखड़ीं
कुल्लू जिले के बंजार क्षेत्र की तीर्थन घाटी में देर रात आए तूफान ने भारी नुकसान पहुंचाया। पंचायत मशियार के घलिंगचा, घलियाड, कमेडा और कांडी गांवों में तेज हवाओं से पांच से अधिक रिहायशी मकानों और कई गौशालाओं की छतें उड़ गईं। गांवों में अफरा-तफरी का माहौल रहा और लोग पूरी रात दहशत में जागते रहे।
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कुल्लू के रोपड़ी गांव में प्राइमरी स्कूल की छत भी तूफान की भेंट चढ़ गई। वहीं बिजली महादेव क्षेत्र में सराय भवन की छत उड़कर दूर जा गिरी और पानी की टंकी भी क्षतिग्रस्त हो गई। सुल्तानपुर में पेड़ गिरने से बिजली की तारें टूट गईं, जिससे कई इलाकों में अंधेरा छा गया।
पेड़ गिरने से सड़कें बंद, वाहन क्षतिग्रस्त
मंडी जिले में भी तूफान ने जमकर कहर बरपाया। सराज क्षेत्र के जरोल में थुनाग-जंजैहली मार्ग पर विशाल पेड़ गिरने से सड़क पूरी तरह बंद हो गई। सुंदरनगर की बीबीएमबी कॉलोनी में पेड़ गिरने से एक कार क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि जोगिंदरनगर बस अड्डे के बाहर बिजली की तारों पर पेड़ गिरने से विद्युत आपूर्ति बाधित रही। संधोल के सोहर गांव में तेज आंधी से एक मकान को भारी नुकसान पहुंचा और रसोईघर व शौचालय पूरी तरह टूट गए। बालीचौकी क्षेत्र में सरकारी स्कूल की छत उड़ गई, जबकि कई जगह पेड़ों की टहनियां वाहनों पर गिरने से नुकसान हुआ।
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कांगड़ा और शिमला में भी नहीं थमा तूफान का कहर
कांगड़ा जिले के बनखंडी में धर्मशाला-चंडीगढ़ हाईवे पर पेड़ गिरने से दो वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। पपरोला और बैजनाथ क्षेत्र में भी कई घरों की छतें उड़ने की सूचना है। धर्मशाला में सुबह तक घने बादल छाए रहे और आईपीएल मुकाबले पर भी बारिश का खतरा मंडराता रहा।
शिमला के रामपुर क्षेत्र में तेज बारिश के बाद गानवी खड्ड का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे एक वाहन बीच रास्ते में फंस गया। स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर चालक को सुरक्षित बाहर निकाला। पाटबंगला में राष्ट्रीय राजमार्ग पर खड़े टिप्पर पर पेड़ गिरने से वाहन क्षतिग्रस्त हो गया।
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बारिश ने बढ़ाई चिंता
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार बीती रात प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई। कांगड़ा के गुलेर में 41.2 मिमी, पंडोह में 41 मिमी और कांगड़ा में 32.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा सराहन, जोगिंदरनगर, भुंतर, पालमपुर, मंडी और देहरा गोपीपुर सहित कई क्षेत्रों में तेज बारिश हुई। बारिश और बादलों के कारण प्रदेश के अधिकांश शहरों का तापमान सामान्य से नीचे चला गया है। चंबा, नाहन, शिमला और सोलन में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।
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धर्मशाला में बादलों का पहरा: आईपीएल पर संकट
क्रिकेट प्रेमियों के लिए भी मौसम विभाग की ओर से अच्छी खबर नहीं है। धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम में आज होने वाले दिल्ली और पंजाब के मुकाबले पर बारिश का साया गहरा गया है। मौसम विभाग ने सोमवार के लिए कांगड़ा सहित चार जिलों में बारिश का 'येलो अलर्ट' जारी किया है। हालांकि सुबह मंडी में कुछ समय के लिए धूप खिली, लेकिन राजधानी शिमला और कांगड़ा के आसमान में काले घने बादल अब भी मायूसी की ओर इशारा कर रहे हैं।
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अगले पांच दिन भारी
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि प्रदेश में अगले पांच दिनों तक मौसम खराब बना रहेगा। 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, भारी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। सोमवार को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
12 मई के लिए इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है, जबकि 13 मई को कुल्लू, मंडी और शिमला में भी भारी मौसम खराब रहने की आशंका है। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
