शिमला। हिमाचल प्रदेश में मौसम ने करवट लेते हुए जमकर तबाही मचाई है। शिमला सहित कई इलाकों में आए तेज तूफान और भारी ओलावृष्टि ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। कहीं घरों की छतें उड़ गईं तो कहीं बागवानों की सालभर की मेहनत पर पानी फिर गया।
जिला के नेरवा क्षेत्र की केदी पंचायत में तेज आंधी-तूफान ने भारी नुकसान पहुंचाया। शुकराना गांव में एक परिवार के घर की टीन की छत पूरी तरह उड़ गई और दूर जा गिरी। आसपास के कई घर भी आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक हवा इतनी तेज थी कि लोग डर के मारे घरों में दुबक गए और बाहर निकलना मुश्किल हो गया।
ओलों ने तोड़ी बागवानों की कमर
वहीं नारकंडा, चौपाल, रोहड़ू और टियाली क्षेत्रों में हुई भारी ओलावृष्टि ने सेब की फसल को गहरा नुकसान पहुंचाया है। पेड़ों पर लगे छोटे-छोटे फल ओलों की मार से झड़ गए या खराब हो गए, जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ने की आशंका है। कई जगहों पर खेतों और बागानों में ओलों की मोटी सफेद परत जम गई, जो इस नुकसान की गंभीरता को दर्शाती है।
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पर्यटकों के लिए बर्फबारी बना आकर्षण
दूसरी ओर अटल टनल रोहतांग और कोकसर के पास बर्फबारी ने मौसम को खुशनुमा बना दिया। बर्फ के फाहे गिरते देख पर्यटक उत्साहित नजर आए, लेकिन खराब मौसम को देखते हुए पुलिस ने ऊंचाई वाले क्षेत्रों से पर्यटकों को वापस भेज दिया। मनाली और आसपास के क्षेत्रों में बारिश और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई है। हालात ऐसे बन गए हैं कि मई के महीने में ही दिसंबर जैसी ठंड का एहसास होने लगा है।
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अगले 48 घंटे अहम, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए चेतावनी जारी की है। 5 मई को मध्य और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में कई जगहों पर बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। शिमला और मंडी में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि अन्य जिलों में येलो अलर्ट रहेगा। इस दौरान 40 से 50 किमी घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है।
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6 मई को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर में बारिश और बर्फबारी को लेकर येलो अलर्ट जारी है। यही हाल सात और आठ मई को भी रहने वाला है। उसके बाद मौसम के तेवर कुछ नरम पड़ने की संभावना है। कुल मिलाकर, हिमाचल में मौसम का यह बदला मिजाज जहां एक ओर पर्यटकों के लिए आकर्षण बना है, वहीं दूसरी ओर किसानों और आम लोगों के लिए चिंता और परेशानी का कारण बन गया है।
