शिमला। देवभूमि हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार को मौसम ने अपने कई रंग दिखाए। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में प्रकृति का अलग-अलग रूप देखने को मिला। कहीं पहाड़ बर्फ की सफेद चादर से ढकते नजर आए तो कहीं झमाझम बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया। कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया, जबकि मैदानी इलाकों में उमस भरी गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया। एक ही दिन में मौसम के इतने विविध रूप देखने को मिले कि हिमाचल मानो चार अलग-अलग मौसमों का अनुभव कर रहा हो।

रोहतांग में बर्फबारी, पर्यटकों के चेहरे खिले

प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम ने अचानक करवट ली। विश्व प्रसिद्ध रोहतांग दर्रा में बर्फ के फाहे गिरने से मौसम सुहावना हो गया। लाहौल की चंद्राघाटी सहित ऊंचे इलाकों में ठंड का अहसास बढ़ गया। बर्फबारी की खबर मिलते ही पर्यटकों में भी उत्साह देखा गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में लाहौल-स्पीति और किन्नौर की ऊंची चोटियों पर हल्का हिमपात देखने को मिल सकता है।

 

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शिमला में झमाझम बारिश, सड़कों पर बहा पानी

राजधानी शिमला में शाम के समय मौसम ने अचानक रौद्र रूप धारण कर लिया। तेज बारिश के चलते शहर की कई सड़कें पानी से भर गईं। कुछ क्षेत्रों में लोगों को आवाजाही में भी परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन अचानक हुई भारी वर्षा ने नगर की व्यवस्थाओं की भी पोल खोल दी।

सिरमौर में ओलावृष्टि से किसानों की बढ़ी चिंता

सिरमौर जिले के हरिपुरधार क्षेत्र में मौसम ने किसानों को बड़ा झटका दिया। यहां हुई भारी ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है। किसानों का कहना है कि कुछ ही मिनटों की ओलावृष्टि ने उनकी महीनों की मेहनत पर असर डाल दिया। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में भी इसी तरह मौसम का मिजाज बना रहा तो कई क्षेत्रों में बागवानी और खेती प्रभावित हो सकती है।

 

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ऊना-हमीरपुर में उमस ने किया बेहाल

जहां पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और ठंडक का असर दिखा, वहीं ऊना, हमीरपुर और आसपास के मैदानी इलाकों में लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ा। दिनभर बादल छाए रहने के बाद जब दोपहर में धूप निकली तो नमी के कारण गर्मी और अधिक महसूस हुई। लोगों का कहना है कि मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के कारण स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी बढ़ने लगी हैं।

चार जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने मंडी, कुल्लू, शिमला और सिरमौर जिलों के लिए तेज बारिश, आंधी और तूफान का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, पेड़ गिरने और अचानक मौसम बदलने की आशंका को देखते हुए यात्रा के दौरान सावधानी बरतने को कहा गया है। मौसम विभाग की मानें तो अगले 48 घंटे के दौरान वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर पूरे प्रदेश में नजर आएगा। इस दौरान किन्नौर और लाहौल स्पीति को छोड़कर अन्य सभी जिलों में बारिश, आंधी व तूफान का यलो अलर्ट जारी किया गया है। 

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अगले छह दिन जारी रहेगा बारिश का दौर

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार प्रदेश में अगले कई दिनों तक मौसम सक्रिय बना रहेगा। अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 22 जून तक मौसम का यही रुख बने रहने का अनुमान है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।

बिजली गिरने से पांच मवेशियों की मौत

उधर शिमला जिला की चिड़गांव तहसील के अंबोट क्षेत्र में आकाशीय बिजली कहर बनकर टूटी। जंगल में चर रहे मवेशी अचानक मौसम खराब होने पर पेड़ के नीचे खड़े हो गए। इसी दौरान तेज गर्जना के साथ बिजली गिरने से एक पेड़ धराशायी हो गया और उसकी चपेट में आने से चार गायों और एक बैल की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद प्रशासन ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है और प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

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