#यूटिलिटी
August 3, 2026
पंजाब हाईकोर्ट के फैसले से हिमाचल के कर्मचारियों में जगी DA की उम्मीद, 15 अगस्त का कर रहे इतंजार
हिमाचल के कर्मचारियों को उम्मीद, 15 अगस्त को सीएम सुक्खू कर सकते हैं बड़ी घोषणा
शेयर करें:

शिमला। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एक अहम फैसले ने हिमाचल प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के बीच नई उम्मीद जगा दी है। पड़ोसी राज्य पंजाब में महंगाई भत्ता (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) के बकाया एरियर के भुगतान का रास्ता साफ होने के बाद अब हिमाचल के कर्मचारी भी 15 अगस्त का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। सरकारी दफ्तरों से लेकर कर्मचारी संगठनों तक एक ही चर्चा है कि क्या स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू कर्मचारियों के लिए कोई बड़ी घोषणा करेंगे?
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार की अपीलों को खारिज करते हुए कर्मचारियों और पेंशनरों को लंबित डीए और डीआर एरियर का भुगतान करने का आदेश बरकरार रखा है। अदालत ने सरकार को निर्धारित समय के भीतर बकाया राशि जारी करने के निर्देश दिए हैं। इस फैसले के बाद हिमाचल प्रदेश के कर्मचारी संगठनों में भी नई उम्मीद जगी है कि उनकी लंबे समय से लंबित मांगों पर भी सरकार सकारात्मक निर्णय ले सकती है।
यह भी पढ़ें : सुक्खू सरकार का बड़ा फैसला, हिमाचल के स्कूल-कॉलेजों में 15 अगस्त की छुट्टी रद्द; जानें कारण
स्वतंत्रता दिवस नजदीक आते ही प्रदेश के करीब 3.65 लाख कर्मचारी और पेंशनर सरकार की संभावित घोषणाओं का इंतजार कर रहे हैं। पिछले वर्षों में राष्ट्रीय पर्व और विशेष अवसरों पर कर्मचारियों से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लिए जाते रहे हैं। ऐसे में इस बार भी चर्चा है कि सरकार महंगाई भत्ते की अगली किस्त, बकाया एरियर या कर्मचारियों को राहत देने से जुड़ा कोई बड़ा फैसला कर सकती है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
यह भी पढ़ें : CM सुक्खू अपने ही मंत्रियों को कर रहे ट्रेस' : BJP का बड़ा दावा, APP पर छिड़ा नया विवाद
हिमाचल प्रदेश के कर्मचारियों को वर्तमान में 45 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है, जबकि केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 60 प्रतिशत डीए दिया जा रहा है। यानी दोनों के बीच 15 प्रतिशत का अंतर बना हुआ है। कर्मचारी संगठन लगातार इस अंतर को समाप्त करने और केंद्र के समान डीए देने की मांग कर रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर मामला हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट तक भी पहुंच चुका है। दायर याचिका में राज्य सरकार से केंद्र के बराबर महंगाई भत्ता देने की मांग की गई है। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब भी मांगा है।
जानकारों के अनुसार यदि राज्य सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों का पूरा लंबित डीए, डीआर और एरियर एकमुश्त जारी करती है तो इसके लिए करीब 13 हजार करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी। प्रदेश की मौजूदा वित्तीय स्थिति को देखते हुए यह सरकार के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है। इसके बावजूद कर्मचारी संगठनों का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि सरकार चरणबद्ध तरीके से ही सही, लेकिन उनकी मांगों पर राहत जरूर देगी।
पंजाब हाईकोर्ट के फैसले के बाद हिमाचल के सरकारी कार्यालयों में भी कर्मचारियों के बीच डीए और एरियर को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कई कर्मचारी संगठनों का मानना है कि यदि पड़ोसी राज्य में कर्मचारियों को राहत मिल सकती है तो हिमाचल में भी सरकार को इस दिशा में सकारात्मक पहल करनी चाहिए।
फिलहाल पूरे प्रदेश के लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों की नजरें 15 अगस्त पर टिकी हुई हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सुक्खू सरकार कर्मचारियों की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए कोई बड़ी घोषणा करती है या फिर उन्हें अभी और इंतजार करना पड़ेगा। जब तक सरकार की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं होती, तब तक यह केवल संभावनाओं और चर्चाओं का विषय बना हुआ है।