#यूटिलिटी

August 1, 2026

इस दिन शुरू होगा हिमाचल विधानसभा का मानूसन सत्र, BJP नेताओं पर FIR को लेकर तपेगा सदन

राज्यपाल के सचिव ने जारी की मानसून सत्र की अधिसूचना

शेयर करें:

Himachal Monsoon Session

शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमाने जा रही है। राज्य की 14वीं विधानसभा का 12वां यानी मानसून सत्र 21 अगस्त 2026 से शिमला में शुरू होगा।  जो 3 सितंबर 2026 तक चलेगा। इस बार का सत्र बेहद हंगामेदार रहने की संभावना जताई जा रही है। प्रदेश में हाल के दिनों में भाजपा नेताओं और विधायकों पर दर्ज एफआईआर, आपदा प्रबंधन, कानून-व्यवस्था और अन्य राजनीतिक मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने नजर आ सकते हैं। ऐसे में सदन के भीतर तीखी बहस और जोरदार हंगामे के पूरे आसार बन गए हैं।

राज्यपाल ने जारी की अधिसूचना

राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 174(1) के तहत हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का आह्वान किया है। अधिसूचना के अनुसार 14वीं विधानसभा का 12वां सत्र 21 अगस्त को सुबह 11 बजे शिमला स्थित विधानसभा भवन में शुरू होगा। विधानसभा सचिवालय ने इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी कर सभी विधायकों, सांसदों और संबंधित अधिकारियों को सूचित कर दिया है।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल में सियासी भूचाल: विजिलेंस रडार पर एक और पूर्व MLA, इसने भी कांग्रेस छोड़ थामा था BJP का दामन

एफआईआर के मुद्दे पर हो सकता है हंगामा

इस बार का मानसून सत्र केवल विधायी कार्यों तक सीमित न रहकर राजनीतिक जंग का मैदान बनने वाला है। हाल ही में भाजपा नेताओं और विधायकों पर दर्ज हुई FIR तथा विजिलेंस की बढ़ती कार्रवाइयों का मुद्दा सदन के भीतर बुरी तरह गरमाने की संभावना है। विपक्ष इसे राजनीतिक प्रतिशोध का मामला बताते हुए सरकार को घेरने की तैयारी में है। भाजपा का आरोप है कि प्रदेश सरकार राजनीतिक द्वेष की भावना से विपक्षी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करवा रही है। दूसरी ओर सत्ता पक्ष भी विपक्ष के हर आरोप का जवाब देने और अपने फैसलों का बचाव करने की रणनीति तैयार कर चुका है।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल: मेरी पत्नी को भगा ले गया युवक... पति ने थाने में की शिकायत, गहने - 85 हजार नगद भी ले गई साथ

आपदा, बेरोजगारी और विकास कार्यों पर भी होगी घेराबंदी

मानसून सत्र के दौरान विपक्ष प्रदेश में हालिया प्राकृतिक आपदाओं, राहत एवं पुनर्वास कार्यों, सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी और विकास योजनाओं जैसे कई अहम मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगेगा। माना जा रहा है कि इन विषयों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिल सकती है।

सत्र से पहले मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा

विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले प्रदेश की सियासत में मंत्रिमंडल विस्तार और संगठनात्मक बदलाव की चर्चाएं भी तेज हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार की हाल ही में दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ हुई बैठक के बाद कैबिनेट फेरबदल की अटकलें और तेज हो गई हैं। इसके अलावा विधानसभा उपाध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चाएं जारी हैं।

 

यह भी पढ़ें : कर्मचारियों-पेंशनरों को मिलेगा 15% DA- एरियर! हाईकोर्ट ने सुक्खू सरकार को दी 12 सप्ताह की मोहलत

सभी विधायकों और अधिकारियों को भेजी सूचना

विधानसभा सचिव यशपाल शर्मा की ओर से जारी अधिसूचना की प्रतियां प्रदेश के सभी विधायकों, हिमाचल से लोकसभा और राज्यसभा सांसदों, मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय, विभिन्न विभागों के प्रमुखों और अन्य संबंधित अधिकारियों को भेज दी गई हैं, ताकि सत्र की तैयारियां समय रहते पूरी की जा सकें।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल पुलिस चौकी के बजट से चमका दी SP की कोठी, विजिलेंस के रडार पर संजीव गांधी..

सदन में दिखेगा सत्ता बनाम विपक्ष का सीधा मुकाबला

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बार का मानसून सत्र केवल विधायी कार्यवाही तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों, विजिलेंस की कार्रवाई, भाजपा नेताओं पर दर्ज एफआईआर, आपदा प्रबंधन और सरकार की कार्यशैली को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच सीधा टकराव देखने को मिल सकता है। ऐसे में 21 अगस्त से शुरू होने वाला यह सत्र प्रदेश की राजनीति की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण सत्र साबित हो सकता है।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें

ट्रेंडिंग न्यूज़
LAUGH CLUB
संबंधित आलेख