शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखा रहा है। भारी बारिश से लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ने लगी हैं। कई इलाकों में सड़कें बंद हो रही हैं, भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं और नदी-नाले उफान पर बह रहे हैं। शुक्रवार को शिमला, मंडी और ऊना समेत कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहा, जबकि कुल्लू और कांगड़ा के कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी रहने की चेतावनी दी है।
शिमला में दिन में छाया अंधेरा
राजधानी शिमला में शुक्रवार को दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली। घने बादलों के बीच तेज बारिश हुई और कई क्षेत्रों में दिन के समय ही अंधेरा छा गया। शाम चार से पांच बजे के बीच शिमला में करीब 21 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। शिमला से कुफरी और फागू के बीच घने कोहरे के कारण दृश्यता भी काफी कम हो गई। कुछ स्थानों पर विजिबिलिटी 50 मीटर से नीचे पहुंचने से वाहन चालकों को बेहद सावधानी के साथ सफर करना पड़ा।
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भराड़ीघाट में लैंडस्लाइड, बाल-बाल बची HRTC बस
बारिश के बीच शिमला-धर्मशाला राष्ट्रीय राजमार्ग पर भराड़ीघाट के समीप भूस्खलन ने लोगों की चिंता बढ़ा दी। पहाड़ी से अचानक भारी मात्रा में मलबा और पत्थर सड़क पर आ गिरे। इसी दौरान सवारियों से भरी HRTC बस भी इस संभावित खतरे की चपेट में आने से बाल-बाल बची। सुरक्षा कर्मचारियों ने खतरा भांपते हुए समय रहते यातायात रोक दिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। भूस्खलन के कारण सड़क पर आवाजाही प्रभावित हुई और कई घंटे बाद मार्ग को यातायात के लिए बहाल किया गया।
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चंबा में बिजली गिरने से 20 मवेशियों की मौत
बारिश और खराब मौसम के बीच चंबा जिले से भी नुकसान की खबर सामने आई है। कुरैणा पंचायत में बिजली गिरने से करीब 20 मवेशियों की मौत हो गई। इस घटना से प्रभावित परिवारों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। लगातार बारिश के कारण प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में भी लोगों को जलभराव, भूस्खलन और बिजली-पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
जसूर में घरों और दुकानों में घुसा बारिश का पानी
कांगड़ा जिले के जसूर क्षेत्र में फोरलेन निर्माण के बीच हुई तेज बारिश ने स्थानीय लोगों की परेशानी और बढ़ा दी। कई घरों और दुकानों में बारिश का पानी घुस गया। स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य कर रही एजेंसियों पर उचित जल निकासी की व्यवस्था नहीं करने का आरोप लगाया है। बारिश के दौरान पानी की निकासी नहीं होने से सड़क किनारे रहने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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114 सड़कें बंद, 250 पेयजल योजनाएं प्रभावित
प्रदेश में बारिश और भूस्खलन का असर सड़क और पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ा है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार 114 सड़कें बंद हैं, जबकि करीब 250 पेयजल योजनाएं प्रभावित चल रही हैं। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है और ट्रांसफार्मर बंद होने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
20 अगस्त तक नहीं मिलेगी राहत
मौसम विभाग के अनुसार हिमाचल प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। 17 और 18 अगस्त को कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि अन्य दिनों में भी कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट रहेगा। 15, 16, 19 व 20 अगस्त को कुछ जगहों पर भारी बारिश होने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। 14 अगस्त को ऊना, बिलासपुर, कांगड़ा और सिरमौर के कुछ हिस्सों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट बताया गया है, जबकि सोलन, शिमला, मंडी, हमीरपुर और चंबा में येलो अलर्ट है।
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इस मानसून में अब तक 181 लोगों की मौत
इस मानसून सीजन में 30 जून से 14 अगस्त तक प्रदेश में आपदा से जुड़ी घटनाओं में 181 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 283 लोग घायल हुए हैं। इस दौरान 31 पक्के और 51 कच्चे मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। 302 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 14 दुकानों और 258 गोशालाओं को भी नुकसान हुआ है। बारिश और प्राकृतिक आपदाओं के कारण अब तक करीब 210 पालतू पशुओं की मौत की भी सूचना है। प्रदेश में इस मानसून से हुआ कुल नुकसान 95,574.59 लाख रुपये तक पहुंच गया है।
