शिमला। हिमाचल  प्रदेश के जिला शिमला में दो दिन की राहत के बाद हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने लगा है। मौसम विभाग ने 20 अगस्त तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। इस दौरान ज्यादातर इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होगी, जबकि कई जगह भारी से बहुत भारी बारिश भी हो सकती है। खासकर 17 और 18 अगस्त को भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं 15, 16, 19 और 20 अगस्त को भी कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है।

शिमला में शाम को अचानक हुई तेज बारिश

शुक्रवार को राजधानी शिमला में शाम करीब 4 बजे के बाद अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। रिज मैदान और मॉल रोड पर बारिश तेज होने के कारण लोग छाता लेकर बारिश से बचते नजर आए। कई लोग दुकानों और रेन शेल्टर के बाहर खड़े हो गए। रिज मैदान पर तेज बौछारों से नालियां पानी से भर गईं। कुछ समय के लिए पूरा रिज मैदान घने कोहरे और धुंध से ढक गया।

 

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मानसून में अब तक 181 लोगों की मौत

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की 30 जून से अब तक की रिपोर्ट के मुताबिक मानसून के दौरान बारिश, प्राकृतिक आपदाओं और सड़क हादसों में प्रदेश में 181 लोगों की जान जा चुकी है। इस दौरान 283 लोग घायल हुए हैं, जबकि एक व्यक्ति अभी भी लापता है। प्राकृतिक आपदाओं में 210 पशु-पक्षियों की भी मौत हुई है।

बारिश से 955 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान

बारिश और प्राकृतिक आपदाओं के कारण हिमाचल में अब तक 955 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हो चुका है। रिपोर्ट के मुताबिक 31 पक्के और 51 कच्चे मकान पूरी तरह ढह गए हैं। इसके अलावा 113 पक्के और 189 कच्चे मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। प्रदेश में 258 पशुशालाएं भी ढह चुकी हैं, जबकि 14 दुकानें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं।

 

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114 सड़कें बंद, मंडी और कुल्लू सबसे ज्यादा प्रभावित

भारी बारिश और भूस्खलन का असर प्रदेश की सड़कों पर भी देखने को मिल रहा है। शुक्रवार शाम तक हिमाचल में 114 सड़कें बंद थीं। इनमें मंडी की 39 और कुल्लू की 33 सड़कें शामिल हैं। कई जगह भूस्खलन और सड़क पर मलबा आने के कारण यातायात प्रभावित हुआ है।

बिजली और पानी की सप्लाई पर भी असर

बारिश के कारण बिजली और पानी की व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। प्रदेश में 10 ट्रांसफार्मर बंद हैं। वहीं पानी की 250 परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। इनमें अकेले मंडी जिले की 212 जलापूर्ति योजनाएं शामिल हैं।

 

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17 और 18 अगस्त को भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार 17 और 18 अगस्त को निचले और मध्यम पहाड़ी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी कई जगह हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है।

किन्नौर और लाहौल-स्पीति में तेज हवाओं का अनुमान

15 से 20 अगस्त के बीच किन्नौर और लाहौल-स्पीति में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। निचले और मध्यम पहाड़ी इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।

 

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भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का खतरा

भारी बारिश के दौरान प्रदेश के संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन और मलबा गिरने का खतरा बना रहेगा। नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है और निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति पैदा हो सकती है। पहाड़ी सड़कों पर फिसलन बढ़ने से सड़क हादसों का खतरा भी रहेगा। बारिश का असर खेती और बागवानी पर भी पड़ सकता है।

लोगों से सावधानी बरतने की अपील

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के मौसम विज्ञानी संदीप कुमार शर्मा ने लोगों से संवेदनशील इलाकों में जाने से बचने की अपील की है। उन्होंने लोगों को नदी-नालों और दूसरे जलस्रोतों से दूर रहने की सलाह दी है। साथ ही वाहन चलाते समय सावधानी बरतने, तय गति सीमा का पालन करने और ट्रैफिक एडवाइजरी का ध्यान रखने को कहा है। लोगों को मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी पर भी नजर रखने की सलाह दी गई है।