शिमला। हिमाचल प्रदेश में जनता की जेब पर बोझ पड़ने वाला है। हिमाचल में अब पंचायतों के माध्यम से मिलने वाली कुछ जरूरी सेवाओं के लिए लोगों को निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होगा।

पंचायत में फ्री नहीं मिलेंगे प्रमाण पत्र

जन्म प्रमाण पत्र, परिवार नकल और विवाह पंजीकरण जैसी सेवाएं- जो पहले पंचायत स्तर पर निशुल्क उपलब्ध होने की बात कही जा रही थी, वही अब नई शुल्क व्यवस्था के दायरे में आ गई हैं। यह व्यवस्था करीब एक सप्ताह पहले लागू किए जाने की जानकारी सामने आई है।

यह भी पढ़ें : सोलन मां-बेटी केस में अपडेट : पति ने WhatsApp पर किया था ब्लॉक, प्रिशिका का फोन खोलेगा राज

कितनी देनी पड़ेगा फीस?

नई व्यवस्था के तहत, अब दस्तावेजों और सेवाओं के लिए पंचायत में आवेदन करने वाले लोगों को सरकारी शुल्क का भुगतान करना अनिवार्य होगा। अलग-अलग सेवाओं के लिए अलग शुल्क तय किया गया है। जैसे कि-

  • जन्म प्रमाण- 80 रुपये
  • परिवार नकल- 13 रुपये 80 पैसे
  • विवाह पंजीकरण- 400 रुपये

यह भी पढ़ें : मां नयना देवी का चमत्कार...मंदिर में माथा टेकते ही लौटी बच्चे की आंखों की रोशनी, परिवार भावुक

जनता की जेब पर पड़ेगा असर

इन सेवाओं की आम लोगों को विभिन्न सरकारी और प्रशासनिक कार्यों में जरूरत पड़ती है। ऐसे में नई शुल्क व्यवस्था लागू होने के बाद जनता की जेब पर असर पड़ सरता है। पंचायतों से इन दस्तावेजों को बनवाने वाले लोगों को अब पहले की तुलना में अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा।

कहां जाएगा ये पैसा?

नई व्यवस्था में शुल्क भुगतान की प्रक्रिया को ऑनलाइन माध्यम से जोड़ा गया है। निर्धारित शुल्क का भुगतान QR कोड के माध्यम से सरकारी खाते में किया जाएगा। शुल्क जमा होने के बाद ही प्रमाण पत्र या संबंधित सेवा की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकेगा।

यह भी पढ़ें : हिमाचल के डॉक्टर का कमाल : चीन के मरीज का किया ऑनलाइन ऑपरेशन, रचा इतिहास

बिना फीस के नहीं होगा काम

जानकारी के अनुसार, निर्धारित शुल्क जमा किए बिना संबंधित वेबसाइट पर आवेदन की आगे की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकेगी। इसका मतलब है कि प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति को निर्धारित सरकारी शुल्क जमा करना जरूरी होगा।

कागज और प्रिंटिंग का खर्च अलग

सरकारी शुल्क के अलावा पंचायतों की ओर से प्रमाण पत्र तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले कागज और प्रिंटिंग आदि का खर्च भी लिया जा सकता है। इस अतिरिक्त खर्च की राशि पंचायत स्तर पर अलग-अलग हो सकती है। ऐसे में लोगों को सिर्फ सरकारी शुल्क ही नहीं, बल्कि प्रमाण पत्र तैयार करने से जुड़े कागज और छपाई के खर्च का भी भुगतान करना पड़ सकता है।

यह भी पढ़ें- मां चामुंडा के दरबार की बढ़ेगी शोभा : दुबई से आएगा 3 किलो सोना- 600 KG चांदी, श्रद्धालु ने किया दान

पहले फ्री में मिलते थे प्रमाण पत्र

नई व्यवस्था लागू होने से पहले पंचायतों के माध्यम से जन्म प्रमाण पत्र, परिवार नकल और विवाह पंजीकरण जैसी सेवाएं निशुल्क उपलब्ध होने की जानकारी है। अब इन सेवाओं पर शुल्क लागू होने के बाद लोगों को निर्धारित राशि का भुगतान करना होगा। हालांकि, नई व्यवस्था का उद्देश्य और विस्तृत नियम संबंधित सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार लागू होंगे।

लोगों पर बढ़ेगा अतिरिक्त खर्च

पंचायत स्तर पर इन सेवाओं के लिए शुल्क लागू होने का सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा, जिन्हें इन दस्तावेजों की जरूरत रहती है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायतों के माध्यम से ही बड़ी संख्या में लोग ऐसे प्रमाण पत्र और दस्तावेज बनवाते हैं।

यह भी पढ़ें- हिमाचल : बेटे को जन्म देते ही बिगड़ी महिला की हालत, एक घंटे में हुई मौ**त- डॉक्टरों पर भड़के परिजन

पंचायतें अपने स्तर पर लेंगी फीस

रामपुर के खंड विकास अधिकारी अंकुश ने नई शुल्क व्यवस्था की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि-

  • प्रमाण पत्रों के लिए निर्धारित शुल्क के अलावा कागज और अन्य खर्च पंचायतें अपने स्तर पर ले सकती हैं।
  • पंचायतों के माध्यम से इन सेवाओं का लाभ लेने वाले लोगों को निर्धारित शुल्क जमा करना होगा।
  • शुल्क भुगतान के बाद ही प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें