शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने बिजली सब्सिडी को लेकर एक बड़ा और अहम कदम उठाया है। इसका सीधा असर फ्री बिजली पाने वाले लाखों उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। सुक्खू सरकार ने फ्री बिजली के लिए एक नया प्लान निकाला है।
सुक्खू सरकार का नया प्लान
अब राज्य में 15 अप्रैल से राशन कार्ड को बिजली मीटरों से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इससे सब्सिडी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाया जा सके।
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राशन कार्ड से लिंक होगा मीटर
सरकार इसके लिए एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च करने जा रही है। इस पोर्टल के माध्यम से उपभोक्ता घर बैठे ही अपने राशन कार्ड को बिजली मीटर से लिंक कर सकेंगे। यानी अब लोगों को इस काम के लिए बिजली बोर्ड के दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, जिससे समय और मेहनत दोनों की बचत होगी।
तभी मिलेगी फ्री बिजली
नई व्यवस्था के तहत सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि एक राशन कार्ड पर अधिकतम दो बिजली मीटरों को ही सब्सिडी का लाभ मिलेगा। जिन परिवारों के नाम पर दो से ज्यादा मीटर हैं, उन्हें सिर्फ दो मीटर तक ही रियायत दी जाएगी।
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चुकाना होगा बिजली का बिल
तीसरे या उससे अधिक मीटर पर उपभोक्ताओं को पूरा बिजली बिल चुकाना होगा। इस फैसले को सब्सिडी के दुरुपयोग को रोकने की दिशा में एक सख्त लेकिन जरूरी कदम माना जा रहा है।
कैसे लिंक होगा राशन कार्ड और मीटर?
लिंक करने की प्रक्रिया भी काफी सरल रखी गई है। उपभोक्ताओं को ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपना राशन कार्ड नंबर, बिजली मीटर का विवरण और अन्य जरूरी जानकारी भरनी होगी। इसके बाद संबंधित विभाग द्वारा डाटा का सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन पूरा होते ही राशन कार्ड और बिजली मीटर आपस में लिंक हो जाएंगे और उपभोक्ता को सब्सिडी का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।
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फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक
ऊर्जा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस नई प्रणाली से सब्सिडी वितरण में पारदर्शिता आएगी और फर्जी या अपात्र लाभार्थियों पर रोक लगेगी। साथ ही सरकार के पास वास्तविक उपभोक्ताओं का सटीक डाटा उपलब्ध होगा। जिससे भविष्य की योजनाओं को और बेहतर तरीके से लागू किया जा सकेगा।
माना जा रहा अहम कदम
यह पहल डिजिटल हिमाचल की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जहां सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन और आसान बनाने पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि, जिन लोगों को ऑनलाइन प्रक्रिया में दिक्कत होगी, उनके लिए विभाग की ओर से सहायता केंद्र या हेल्पडेस्क की व्यवस्था भी किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
