बिलासपुर। हमारे प्लेटफॉर्म पर फरवरी माह में HPSHIVA परियोजना, बिलासपुर जिला की दयोथ पंचायत के कोठीमझेड़/मंझेर-कोठी गांव तथा कथित रूप से मुसम्मी के स्थान पर अन्य पौधे दिए जाने और एक किसान की मृत्यु को परियोजना से जोड़ने संबंधी एक खबर प्रकाशित/प्रसारित की गई थी।
उक्त सामग्री हमारे द्वारा किसी स्वतंत्र जांच या प्रत्यक्ष रिपोर्टिंग के आधार पर तैयार नहीं की गई थी, बल्कि पूर्व में प्रकाशित एक समाचार रिपोर्ट के आधार पर प्रस्तुत की गई थी।
बागवानी विभाग, बिलासपुर द्वारा जारी नोटिस संख्या Udyan (B) 4-48 (1HPSHIVA)/2025-26-4371-72 दिनांक 31.03.2026, जो हमें 04.04.2026 को प्राप्त हुआ, के माध्यम से विभाग ने स्पष्ट किया है कि:
- संबंधित किसान की मृत्यु और HPSHIVA परियोजना के बीच किसी प्रकार का सत्यापित संबंध स्थापित नहीं हुआ है।
- विभाग के अनुसार HPSHIVA परियोजना के अंतर्गत गलत पौधे वितरित किए जाने का आरोप भी तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है।
- विभाग ने यह भी अवगत कराया है कि 12.02.2026 को आयोजित क्लस्टर किसान बैठक में मृतक की पत्नी ने भी इस प्रकार के आरोपों का खंडन किया है।
- हम विभाग द्वारा प्रस्तुत इस स्पष्टीकरण को प्रकाशित कर रहे हैं। साथ ही, हमने अपनी पूर्व प्रकाशित सामग्री को सभी डिजिटल, सोशल मीडिया तथा अन्य प्लेटफॉर्म से हटा दिया है।
यदि हमारी पूर्व प्रकाशित सामग्री से किसी प्रकार की गलतफहमी, भ्रम अथवा किसी व्यक्ति, विभाग या परियोजना की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची हो, तो हमें इसका खेद है। हमारा उद्देश्य किसी भी प्रकार की भ्रामक अथवा अपुष्ट जानकारी प्रसारित करना नहीं था।
भविष्य में हम इस प्रकार की तृतीय-पक्ष आधारित खबरों के प्रकाशन/प्रसारण से पहले अतिरिक्त सावधानी और स्वतंत्र सत्यापन सुनिश्चित करेंगे।