शिमला। हिमाचल पावर कॉरपोरेशन के चीफ इंजीनियर विमल नेगी की मौत ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। मंगलवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता जयराम ठाकुर, राजीव बिंदल, श्रीकांत शर्मा सहित पार्टी के कई विधायक और सांसद राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से राजभवन में मिले। उन्होंने एक ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि मामले की जांच CBI को सौंपी जाए और सबूतों के साथ छेड़छाड़ न हो।
SP शिमला को बर्खास्त करने की मांग
जयराम ठाकुर ने सीधा आरोप लगाया कि SP शिमला ने मीडिया में आकर प्रदेश के मुख्य सचिव, डीजीपी, पूर्व डीजीपी और एक भाजपा विधायक पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने SP को बर्खास्त करने की मांग करते हुए कहा कि अगर एक पुलिस अधिकारी इस तरह मीडिया ट्रायल करने लगे तो निष्पक्षता कैसे बचेगी?
दिया और मौके पर ही उनकी हालत गंभीर हो गई।
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CM दें इस्तीफा
विपक्ष के मुताबिक सरकार अब खुद ही अफसरों के बीच रंजिश की जद में आ चुकी है। जयराम ठाकुर ने कहा कि जब सरकार के अधिकारी ही एक-दूसरे पर आरोप लगाने लगे, तब मुख्यमंत्री को पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
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पेखुवाला प्रोजेक्ट में नेताओं का संरक्षण
विपक्ष का आरोप है कि पेखुवाला प्रोजेक्ट में बड़े नेताओं के संरक्षण में भारी भ्रष्टाचार हुआ। जयराम ठाकुर ने खुलासा किया कि अफसरों को रात ढाई बजे तक दफ्तर में बैठा कर काम कराया गया, जबकि पूरे प्रदेश में विकास के कार्य ठप पड़े हैं।
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CBI टीम को रोका गया
जयराम ठाकुर ने यह भी कहा कि CBI की टीम जब रिकॉर्ड लेने आई तो SP शिमला ने उन्हें दस्तावेज देने से इनकार कर दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री सुक्खू को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि विमल नेगी का परिवार शुरू से ही CBI जांच की मांग कर रहा है, जबकि CM अब कह रहे हैं कि परिवार कहता तो जांच दे देते!
