मंडी। हिमाचल प्रदेश की राजनीति में मंडी हमेशा से सत्ता का केंद्र रही है। आज इसी मंडी के सुंदरनगर में प्रदेश सरकार के सबसे मुखर और तेज-तर्रार चेहरे, लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। मौका था सुंदरनगर के खिलड़ा स्थित 'ड्रीम्ज़ कॉलेज ऑफ फार्मेसी' के वार्षिक समारोह का, लेकिन विक्रमादित्य के तेवरों ने इसे पूरी तरह एक राजनीतिक अखाड़े में तब्दील कर दिया।
जयराम के गढ़ में गरजे विक्रमादित्य सिंह
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के गढ़ में जमकर गरजे। उन्होंने जयराम ठाकुर पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वह भ्रम में जी रहे हैं और उनका यह घमंड 2027 के विधानसभा चुनावों में पूरी तरह टूट जाएगा। उन्होंने कहा कि जो नेता अपने कार्यकाल में “मिशन रिपीट” को “मिशन डिफीट” में बदल चुके हों, उन्हें बड़े-बड़े दावे करना शोभा नहीं देता। यह बयान सीधे तौर पर जयराम ठाकुर के हालिया कांग्रेस को जड़ से उखाड़ने वाले दावे पर पलटवार था।
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भ्रम में हैं जयराम, 2027 में टूटेगा घमंड
मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि जयराम ठाकुर यह सोच रहे हैं कि वे कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर देंगे, लेकिन यह सिर्फ एक भ्रम है। उन्होंने दो टूक कहा कि 2027 के चुनावों में जनता इसका जवाब देगी और भाजपा के ये दावे चकनाचूर हो जाएंगे। उनके मुताबिक जनता कांग्रेस की नीतियों और कामकाज पर भरोसा जता चुकी है।
जब मोदी नहीं कर पाए, तो जयराम क्या करेंगे?
विक्रमादित्य सिंह ने भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व को भी घेरते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'कांग्रेस मुक्त भारत' के नारे का जिक्र करते हुए तंज कसा कि जब देश के शक्तिशाली प्रधानमंत्री कांग्रेस को खत्म नहीं कर पाए, तो जयराम ठाकुर का दावा केवल एक राजनीतिक हंसी का पात्र है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस हिमाचल के जन-मानस की रगों में है। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान केवल सुर्खियां बटोरने के लिए दिए जाते हैं।
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भाजपा में शामिल होने पर क्या बोले
सोशल मीडिया पर उनके भाजपा में शामिल होने की चर्चाओं पर भी विक्रमादित्य सिंह ने साफ शब्दों में विराम लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उनकी जन्मभूमि और कर्मभूमि है और उनकी निष्ठा पर सवाल उठाना पूरी तरह निराधार है। उन्होंने अपने पिता स्वर्गीय वीरभद्र सिंह को याद करते हुए कहा कि कठिन समय में भी उनके परिवार ने कांग्रेस को मजबूती दी है, ऐसे में उन्हें किसी से प्रमाण पत्र लेने की जरूरत नहीं।
विकास और हक के लिए प्रतिबद्ध
मंत्री ने कहा कि वह दलगत राजनीति से ऊपर उठकर हिमाचल और विशेष रूप से मंडी क्षेत्र के विकास के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्र से राज्य का हक दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और विकास कार्यों को गति दी जा रही है।
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अनुभवी नेताओं के सुझावों को देंगे महत्व
वरिष्ठ नेता ठाकुर कौल सिंह द्वारा उठाए गए मुद्दों पर प्रतिक्रिया देते हुए विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सभी सुझावों को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के समक्ष रखा जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार हर सुझाव को गंभीरता से लेगी और जहां जरूरत होगी, वहां सुधार भी किए जाएंगे।
सियासत में बढ़ती तल्खी
सुंदरनगर से उठी यह सियासी बयानबाजी साफ संकेत दे रही है कि 2027 के चुनावों को लेकर दोनों दलों के बीच टकराव अब और तेज होगा। एक तरफ भाजपा आक्रामक रुख अपना रही है, तो दूसरी ओर कांग्रेस भी पलटवार में कोई कमी नहीं छोड़ रही।
