शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार की आज होने वाली कैबिनेट बैठक कई अहम फैसलों को लेकर चर्चा में है। CM सुखविंदर सिंह सुक्खू सचिवालय में मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करेंगे।

हिमाचल कैबिनेट बैठक आज

इस बैठक में परिवहन, शिक्षा, बागवानी और शहरी विकास से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा संभावित है। हालांकि पंचायत चुनावों के चलते लागू आचार संहिता के कारण सरकार किसी बड़े लोकलुभावन ऐलान से फिलहाल बच सकती है।

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वाहन खरीदना हो सकता है और महंगा

सूत्रों के अनुसार, आज की कैबिनेट बैठक में वाहन पंजीकरण शुल्क बढ़ाने के प्रस्ताव पर बड़ा फैसला लिया जा सकता है। परिवहन विभाग ने सरकार को शुल्क 8 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत करने का प्रस्ताव भेजा है। अगर इसे मंजूरी मिलती है तो हिमाचल में नई गाड़ी खरीदना पहले से अधिक महंगा हो जाएगा।

आम लोगों की जेब पर सीधा असर

सरकार का मानना है कि इससे राजस्व में बढ़ोतरी होगी, लेकिन आम लोगों पर इसका सीधा आर्थिक असर पड़ेगा। खासकर मध्यम वर्ग और पहली बार वाहन खरीदने वाले परिवारों को अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ सकता है।

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शिक्षा और बागवानी विभाग के प्रस्ताव भी एजेंडे में

कैबिनेट बैठक में शिक्षा और बागवानी विभाग से जुड़े कई अहम मामलों पर भी चर्चा की संभावना है। विभिन्न विभागों में लंबित भर्तियों को मंजूरी देने से जुड़े प्रस्ताव भी बैठक में रखे जा सकते हैं। हालांकि आचार संहिता लागू होने के कारण सरकार फिलहाल किसी नई भर्ती या बड़े ऐलान को टाल सकती है।

हिमाचल के लिए अलग बिल्डिंग कोड की तैयारी

बैठक में हिमाचल प्रदेश के लिए अलग स्टेट बिल्डिंग कोड लागू करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा होगी। सरकार प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों और प्राकृतिक आपदाओं को ध्यान में रखते हुए नया ढांचा तैयार करना चाहती है।

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बदल सकते हैं निर्माण कार्यों के नियम

प्रस्तावित बिल्डिंग कोड में भूकंपरोधी निर्माण तकनीक, पहाड़ी क्षेत्रों के अनुरूप भवन निर्माण, अवैध निर्माण पर सख्ती, ग्रीन बिल्डिंग को बढ़ावा और वर्षा जल संचयन जैसे प्रावधान शामिल किए जा सकते हैं। माना जा रहा है कि भविष्य में इससे पहाड़ी क्षेत्रों में निर्माण कार्यों के नियम पूरी तरह बदल सकते हैं।

तारादेवी-शिमला रोपवे परियोजना पर भी नजर

कैबिनेट बैठक में 13.79 किलोमीटर लंबे तारादेवी-शिमला रोपवे प्रोजेक्ट पर भी फैसला संभावित है। सरकार इस परियोजना के लिए ऋण मंजूरी पर विचार कर सकती है। अगर परियोजना को हरी झंडी मिलती है- तो इससे शिमला शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने में मदद मिल सकती है। सरकार इसे राजधानी की यातायात व्यवस्था सुधारने की दिशा में बड़ा कदम मान रही है।

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फैसलों पर टिकी नजरें

अब सबकी नजर आज होने वाली कैबिनेट बैठक पर टिकी है, क्योंकि इसके फैसले सीधे आम जनता की जेब, शहरों के विकास और हिमाचल के भविष्य की योजनाओं को प्रभावित कर सकते हैं।

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