शिमला हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर जारी अटकलों और चर्चाओं के बीच सरकार ने स्थिति साफ कर दी है। पंचायती राज और ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में नई पंचायतों का गठन फिलहाल नहीं किया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव समय पर ही कराए जाएंगे।

वित्तीय संकट बना कारण

मंत्री अनिरुद्ध सिंह के अनुसार, विभाग को नई पंचायतों के गठन के लिए लगभग 750 आवेदन प्राप्त हुए थे, लेकिन वर्तमान में प्रदेश जिस वित्तीय संकट से गुजर रहा है, उसे देखते हुए इस दिशा में आगे बढ़ना फिलहाल संभव नहीं हैउन्होंने बताया कि एक पंचायत के संचालन पर प्रति वर्ष लगभग 10 लाख रुपये का खर्च आता है और अगर सभी प्रस्तावित पंचायतें बनाई जाती हैं तो यह खर्च 75 करोड़ रुपये सालाना तक पहुंच जाएगा।

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इतना ही नहीं, प्रत्येक पंचायत भवन के निर्माण में लगभग 1.14 करोड़ रुपये का खर्च आता है, और अगर सभी के लिए भवन बनें तो लगभग 800 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी। ऐसे में सरकार इस समय नई पंचायतों की घोषणा नहीं कर सकती।

समय पर होंगे पंचायत चुनाव

राज्य सरकार की योजना है कि पंचायत चुनाव अपने तय कार्यक्रम के अनुसार ही हों। मंत्री ने बताया कि पिछले चुनाव 2021 में जनवरी महीने में तीन चरणों में संपन्न हुए थे और अधिसूचना दिसंबर 2020 में जारी की गई थी। इसी तरह इस बार भी दिसंबर 2024 में अधिसूचना जारी होने की संभावना है, और जनवरी 2025 में चुनाव कराए जाएंगे।

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उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव की तैयारियां समयबद्ध रूप से चल रही हैं। बहरहाल, सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह न तो नई पंचायतों के गठन की योजना बना रही है और न ही चुनाव को टालने की कोई मंशा रखती है। सरकार अब मौजूदा ढांचे के तहत ही पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में काम करेगी।

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