शिमला। हिमाचल प्रदेश की सियासत में पिछले कई दिनों से चल रहा डोप टेस्ट विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। CM सुखविंदर सिंह सुक्खू के एक बयान के बाद शुरू हुई जुबानी जंग डोप टेस्ट तक पहुंची।

नीरज भारती की डोप टेस्ट रिपोर्ट

अब रिपोर्ट सामने आने के बाद खुद कांग्रेस के नेताओं के बीच ही इस जांच की विश्वसनीयता और औचित्य को लेकर सवाल उठने लगे हैं। खास बात यह रही कि पूर्व मुख्य संसदीय सचिव नीरज भारती और HRTC के उपाध्यक्ष अजय वर्मा, दोनों की डोप टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आई है।

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रिपोर्ट में क्या आया?

बुधवार को चंडीगढ़ में नीरज भारती ने HRTC के उपाध्यक्ष अजय वर्मा के साथ एक निजी लैब में डोप टेस्ट करवाया था। देर शाम नीरज भारती ने अपनी रिपोर्ट सार्वजनिक की, जिसमें उन्हें सभी परीक्षणों में नेगेटिव पाया गया।

नहीं पाया गया किसी भी तरह का नशा

चंडीगढ़ स्थित अल्टस मेडिकल लेबोरेटरी की रिपोर्ट के अनुसार, 10 जून 2026 को लिए गए यूरिन स्पॉट सैंपल की जांच में एम्फेटामाइंस, बार्बिट्यूरेट्स, बेंजोडायजेपाइंस, मॉर्फिन, टीएचसी, कोकीन, मेथामफेटामाइन, मेथाडोन और फेनसाइक्लिडीन समेत 10 प्रकार के नशीले पदार्थों की स्क्रीनिंग की गई। जांच में किसी भी नशीले पदार्थ की मौजूदगी नहीं पाई गई।

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CM के बयान के बाद शुरू हुआ था विवाद

दरअसल, CM सुक्खू ने नीरज भारती पर पलटवार करते हुए उन्हें नशेड़ी कह दिया था। इसके बाद नीरज भारती ने मुख्यमंत्री को अपने साथ डोप टेस्ट करवाने और रिपोर्ट सार्वजनिक करने की चुनौती दी थी। इसी घटनाक्रम के बीच नीरज भारती और अजय वर्मा चंडीगढ़ पहुंचे और उन्होंने अपना डोप टेस्ट कराया।

अजय वर्मा ने उठाए डोप टेस्ट की प्रक्रिया पर सवाल

नीरज भारती के बाद HRTC के उपाध्यक्ष और कांग्रेस नेता अजय वर्मा ने भी अपनी रिपोर्ट सार्वजनिक की, जिसमें उनके सभी टेस्ट भी नेगेटिव पाए गए। हालांकि रिपोर्ट सामने आने के बाद अजय वर्मा ने डोप टेस्ट की प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े कर दिए।

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नहीं है ऐसा कोई भी टेस्ट

उन्होंने कहा कि लैब में उन्हें बताया गया कि ऐसा कोई परीक्षण उपलब्ध नहीं है, जिससे यह साबित किया जा सके कि किसी व्यक्ति ने पहले कभी नशा किया है या नहीं। अगर किसी ने कुछ घंटे पहले नशा किया हो तो उसके संकेत मिल सकते हैं, लेकिन लंबे समय बाद इस तरह के परीक्षण से किसी निष्कर्ष पर पहुंचना संभव नहीं है।

सियासत में छिड़ी थी जुबानी जंग

पिछले कुछ समय से प्रदेश की राजनीति में नशे के मुद्दे को लेकर बयानबाजी तेज रही है। नीरज भारती और अजय वर्मा के बीच भी तीखी जुबानी जंग देखने को मिली थी। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को डोप टेस्ट करवाने की चुनौती दी थी, जिसे स्वीकार करते हुए दोनों चंडीगढ़ पहुंचे और जांच करवाई। अब दोनों की रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद राजनीतिक हलकों में नई बहस छिड़ गई है।

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