शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में सोमवार को आपदा राहत और क्षति पर गहन चर्चा देखने को मिली। विपक्ष ने नियम 67 के तहत विशेष समय मांगते हुए प्रदेश में लगातार हो रही प्राकृतिक आपदाओं का मुद्दा उठाया। इसी दौरान चुराह से भाजपा विधायक हंस राज ने अपने भाषण में सरकार पर सीधा तंज कसा और एक अलग ही सुझाव पेश कर दिया।
सरकार देवी-देवताओं को करे प्रसन्न
विधायक हंस राज ने चुटकी लेते हुए कहा कि, प्रदेश में बार-बार हो रही तबाही से निपटने के लिए सरकार को एक महा यज्ञ करवाना चाहिए, ताकि देवी-देवताओं को प्रसन्न किया जा सके।
यह भी पढ़ें : मानसून सत्र में हंगामा : BJP विधायक विनोद कुमार के सवाल से शुरू हुई बहस- विपक्ष का वॉकआउट
इतना ही नहीं, उन्होंने आगे कहा कि इस यज्ञ की पंडिताई का जिम्मा प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री को सौंपा जाए, चूंकि ये स्वयं पंडित हैं। उनके इस बयान पर सदन में हल्की हंसी भी गूंजी, लेकिन साथ ही उन्होंने आपदा की गंभीरता पर सरकार का ध्यान खींचने का प्रयास किया।
चंबा जिले का भारी नुकसान
विधायक हंस राज ने विधानसभा को जानकारी दी कि सिर्फ चंबा जिले में ही 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का नुकसान हुआ है। आपदा की वजह से अब तक 31 लोगों की दुखद मौत हो चुकी है। उन्होंने इसे प्राकृतिक आपदा के साथ-साथ मानवजनित लापरवाही का परिणाम भी बताया।
चुराह क्षेत्र की दयनीय स्थिति
अपने क्षेत्र का हवाला देते हुए विधायक ने कहा कि, चुराह विधानसभा की करीब 25 से 30 पंचायतें आपदा से सीधी तरह प्रभावित हुई हैं। इनमें से 90 से अधिक घर पूरी तरह ढह चुके हैं, जबकि 120 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं।
यह भी पढ़ें : हिमाचल विस में मानसून सत्र का दूसरा दिन- आज इन मुद्दों पर हुई दोनों पक्षों में तीखी नोक-झोंक
कई परिवार इस समय खुले आसमान के नीचे या रिश्तेदारों के घरों में शरण लेने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि, इलाके की विभिन्न पंचायतों के सात गांव लैंडस्लाइड के गंभीर खतरे में हैं। यदि सरकार ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
पुल और सड़कें बह गईं
भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं का जिक्र करते हुए विधायक हंस राज ने कहा कि चुराह में कई छोटे-बड़े पुल बह चुके हैं। सड़कों का संपर्क टूट जाने से ग्रामीण क्षेत्रों के लोग बुरी तरह से परेशान हैं। उन्होंने सरकार से तत्काल बहाली और पुनर्निर्माण का कार्य शुरू करने की मांग की, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
