मंडी। हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार पर लगातार भ्रष्टाचार और जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करने के आरोप लगते रहे हैं। इस सब के बीच पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान सुक्खू सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जयराम ने कहा कि कुछ कांग्रेस नेताओं ने ढ़ाई साल में करोड़ों की कोठियां बना ली हैं।
सुक्खू सरकार को दिया आपदा करार
जयराम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार की नीतियों को कठोर शब्दों में खारिज करते हुए इसे प्रदेश के लिए एक बड़ी आपदा करार दिया। उन्होंने तो यहां तक कह दिया है कि कांग्रेस सरकार अपने आप में ही एक आपदा है। साल 2022 में कांग्रेस सत्ता में अपने साथ प्राकृतिक आपदाएं लेकर आई है।
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कांग्रेस नेता कर रहे सत्ता का दुरुपयोग
जयराम ठाकुर ने कहा कि दिसंबर 2022 के बाद से प्रदेश में कांग्रेस सरकार के शासनकाल में स्थिति बिगड़ी है। उन्होंने कहा कि धर्मपुर में महेंद्र सिंह ठाकुर के समय जो स्थिति थीए वह आज धर्मपुर में बिल्कुल अलग दिख रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मेरे सुनने में आया है कि यहां कांग्रेस विधायक मात्र ढाई साल में करोड़ों की कोठियां बना चुके हैंए जो सत्ता के दुरुपयोग का प्रमाण है। जयराम ने विशेष रूप से कांग्रेस के उन नेताओं की भी आलोचना की जो पंचायत प्रतिनिधि तक नहीं हैंए लेकिन सत्ता का गलत लाभ उठाकर कई आलीशान मकान बना रहे हैं।
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सुक्खू सरकार में ऊपर से नीचे तक भ्रष्टाचार
उन्होंने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार का यह सिलसिला ऊपर से लेकर नीचे तक फैला हुआ है। नेताओं के बीच टेंडर के लिए झगड़े आम बात हो गए हैं, साथ ही मुख्यमंत्री के करीबी अधिकारियों को धमकाने तक की बातें सामने आ रही हैं। जयराम ने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया कि वे केवल अपने मित्रों की परवाह करते हैं और जनता की तकलीफों को नजरअंदाज करते हैं।
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पेखूबेला प्रोजेक्ट बना भ्रष्टाचार का केंद्र
विशेष रूप से उन्होंने पेखूबेला सोलर प्रोजेक्ट को भ्रष्टाचार का केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट भ्रष्टाचार के चलते बाढ़ में डूब चुका हैए और इससे जुड़ा एक ईमानदार इंजीनियर विमल नेगी की हत्या भी इसी भ्रष्टाचार की परिणति है। उन्होंने कहा कि 2023 की आपदा के बाद केंद्र सरकार से 5000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि आपदा प्रबंधन के लिए मिलीए बावजूद इसके मुख्यमंत्री इस राशि की उपलब्धता से इंकार कर रहे हैं।
