शिमला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया इटली दौरे के दौरान वहां की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को 'मेलोडी' चॉकलेट गिफ्ट किए जाने का मामला अब पूरी तरह से राजनीतिक रंग ले चुका है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो पर अब विपक्ष ने चौतरफा घेराबंदी शुरू कर दी है। दिल्ली से उठी इस सियासी चिंगारी ने अब हिमाचल प्रदेश की वादियों में भी राजनीतिक तपिश बढ़ा दी है।

 

सुक्खू सरकार में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने इस 'मेलोडी डिप्लोमेसी' को आड़े हाथों लेते हुए केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। विक्रमादित्य ने सोशल मीडिया पर एक बेहद व्यंग्यात्मक और काव्यात्मक पोस्ट साझा कर देश की जमीनी हकीकत और विदेशी प्रचार के बीच के अंतर को उजागर किया है।

विक्रमादित्य सिंह ने साझा की पोस्ट

विक्रमादित्य सिंह ने अपने सोशल मीडिया मंच पर कविता और तुकबंदी के अंदाज में पोस्ट साझा करते हुए कहा कि देश में जहां आम लोग महंगाई की मार झेल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर ‘मेलोडी’ और उससे जुड़ी रील्स चर्चा का विषय बनी हुई हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि प्रचार और छवि निर्माण के बीच जनता की वास्तविक समस्याएं पीछे छूटती जा रही हैं।

 

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अपने संदेश में उन्होंने संकेतों के माध्यम से कहा कि एक तरफ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर तस्वीरें और वीडियो सुर्खियां बटोर रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ आम परिवार रसोई, परिवहन और दैनिक खर्चों के बढ़ते बोझ से जूझ रहे हैं।

जनता का तेल निकाल रही सरकार

अपनी पोस्ट को पूरी तरह राजनीतिक धार देते हुए कैबिनेट मंत्री ने पेट्रोल और डीजल की आसमान छूती कीमतों को मुख्य मुद्दा बनाया। उन्होंने कहा कि आज देश में पेट्रोल की कीमतें 100 रुपये के पार जा चुकी हैं और डीजल के दामों ने आम आदमी के घर का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है।

 

अब पेट्रोल भरवाना आम आदमी की पहुंच से बाहर

विक्रमादित्य ने चुटकी लेते हुए लिखा कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण अब स्थिति यह हो गई है कि लोगों की गाड़ियां घरों में धूल फांक रही हैं, क्योंकि ईंधन भरवाना आम परिवार के बस से बाहर होता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ सरकार आम जनता की जेब खाली कर रही है और दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय दौरों को बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश किया जा रहा है।

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लोक निर्माण मंत्री ने अपनी पोस्ट में बढ़ती ईंधन कीमतों का जिक्र करते हुए कहा कि पेट्रोल और डीजल की दरों ने मध्यम वर्ग और आम उपभोक्ताओं का बजट प्रभावित किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार बढ़ती महंगाई का असर सीधे जनता की जेब पर पड़ रहा है, लेकिन इन मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा नहीं हो रही। 

विदेश दौरों को लेकर भी उठाए सवाल

अपने राजनीतिक प्रहार में मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के विदेश दौरों और वैश्विक आयोजनों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जी-20 और जी-7 जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों की तस्वीरें और वीडियो व्यापक रूप से प्रचारित किए जाते हैं, लेकिन देश में महंगाई, बेरोजगारी और आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई देती। कांग्रेस नेता का कहना है कि जनता आज राहत और आर्थिक स्थिरता की उम्मीद कर रही है, जबकि राजनीतिक विमर्श का केंद्र दूसरी दिशा में जाता दिखाई देता है।

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मेलोडी चॉकलेट से शुरू हुई सियासत

गौरतलब है कि हाल ही में इटली दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को मेलोडी चॉकलेट भेंट की थी। इस दौरान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत भी चर्चा में रही। इसके बाद ‘मेलोडी’ शब्द सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा और विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।

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अब हिमाचल प्रदेश में भी इसी मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस इसे महंगाई और जनसरोकारों से जोड़कर केंद्र सरकार पर हमला करने का अवसर मान रही है, जबकि भाजपा नेताओं का कहना है कि विपक्ष वास्तविक मुद्दों के बजाय प्रतीकात्मक घटनाओं को राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रहा है।

सोशल मीडिया पर समर्थकों के बीच छिड़ी बहस

विक्रमादित्य सिंह की पोस्ट वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर समर्थकों और विरोधियों के बीच तीखी बहस देखने को मिल रही है। कांग्रेस समर्थक इसे जनता की परेशानियों को उठाने वाला बयान बता रहे हैं, जबकि भाजपा समर्थकों का कहना है कि यह केवल राजनीतिक व्यंग्य और विपक्षी बयानबाजी का हिस्सा है। फिलहाल, मेलोडी चॉकलेट से शुरू हुआ यह मामला हिमाचल की राजनीति में नई बहस को जन्म दे चुका है और आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

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