शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र इस बार सियासी गर्मी के साथ शुरू हुआ है। पहले ही दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली, जिससे सदन का माहौल काफी गरम हो गया। विभिन्न मुद्दों को लेकर दोनों पक्ष आमने.सामने नजर आए और कार्यवाही के दौरान कई बार तनावपूर्ण स्थिति बन गई। इस सब के बीच सबसे अधिक माहौल उस समय गरमा गया, जब हिमाचल विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया सुक्खू सरकार के एक विधायक पर भड़क गए। कुलदीप पठानिया ने इस विधायक को सख्त चेतावनी तक दे डाली।
पहले दिन ही गरमाया सदन
दरअसल बजट सत्र के शुरुआती दिन ही प्रश्नकाल के दौरान हंगामा खड़ा हो गया। कांग्रेस विधायक राकेश कालिया ने अपने सवाल सूची में शामिल न होने पर आपत्ति जताते हुए सदन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनके इस रुख से सदन में हलचल बढ़ गई और माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। जिस पर विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने तुरंत हस्तक्षेप किया।
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कुलदीप पठानिया की सख्त चेतावनी
कुलदीप पठानिया ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सदन की कार्यवाही तय नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार ही संचालित होती है और किसी भी सदस्य को चेयर के निर्देशों पर सवाल उठाने या हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है। स्पीकर ने कड़े तेवर दिखाते हुए कहा कि वे दशकों से विधानसभा से जुड़े हैं और नियमों की पूरी समझ रखते हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कुछ सदस्य लंबे समय से विधायक होने के बावजूद नियमों की अनदेखी कर रहे हैं, जो स्वीकार्य नहीं है।
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विधायक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
विधानसभा अध्यक्ष ने संबंधित विधायक को सख्त चेतावनी देते हुए अनुशासन बनाए रखने की नसीहत दी। उन्होंने साफ कहा कि अगर भविष्य में इस तरह की स्थिति दोहराई गई, तो संबंधित सदस्य के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि यह चेतावनी केवल एक व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि पूरे सदन के सभी सदस्यों के लिए है।
सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव तेज
बजट सत्र के पहले दिन से ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों को लेकर टकराव खुलकर सामने आ गया है। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में सदन की कार्यवाही और अधिक तीखी हो सकती है।
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प्रिविलेज मोशन पर भी हलचल
इसी बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए प्रिविलेज मोशन को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि नोटिस नियमों के तहत मिला है और इसकी प्रक्रिया के अनुसार जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि पहले के मामलों का भी अध्ययन किया जा रहा है, जिसके बाद ही इस पर आगे का फैसला लिया जाएगा।
