शिमला। हिमाचल प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव भले अभी दूर हों, लेकिन सियासी बिसात अभी से बिछनी शुरू हो गई है। सत्ता में बैठी कांग्रेस अब उन विधानसभा सीटों पर पूरा जोर लगाने की तैयारी में है, जहां पार्टी लगातार चुनाव हारती रही है। CM सुखविंद्र सिंह सुक्खू खुद इन क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद कर रहे हैं, ताकि हार की वजहों को समझकर अगले चुनाव के लिए मजबूत रणनीति तैयार की जा सके।
14 सीटों पर कांग्रेस का फोकस
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस ने फिलहाल 14 ऐसी विधानसभा सीटों की पहचान की है, जहां भाजपा का लंबे समय से दबदबा बना हुआ है। पार्टी का लक्ष्य इन सीटों पर संगठन को मजबूत करना, स्थानीय मुद्दों को धार देना और भाजपा विधायकों के खिलाफ माहौल तैयार करना है।
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सीएम खुद ले रहे फीडबैक
CM सुक्खू ने इस अभियान की शुरुआत चौपाल और पच्छाद विधानसभा क्षेत्र से की है। इन क्षेत्रों के कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को शिमला स्थित ओक ओवर बुलाकर उनसे सीधे बातचीत की गई। आने वाले समय में अन्य विधानसभा क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं के साथ भी इसी तरह के संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
भाजपा के मजबूत किलों पर नजर
कांग्रेस जिन सीटों पर विशेष रणनीति बना रही है उनमें चुराह, सुलह, सराज, सरकाघाट, जोगिंद्रनगर, नाचन, द्रंग, मंडी सदर, बंजार, हमीरपुर सदर, झंडूता, पांवटा साहिब, पच्छाद और चौपाल शामिल हैं। इनमें कई सीटें ऐसी हैं, जहां भाजपा के विधायक लगातार दो, तीन और छह बार तक जीत दर्ज कर चुके हैं।
एंटी-इनकंबेंसी को बनाएगी हथियार
पार्टी इन क्षेत्रों में स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाने के साथ भाजपा विधायकों के प्रदर्शन और उनके खिलाफ संभावित एंटी-इनकंबेंसी का भी आकलन कर रही है। कांग्रेस का मानना है कि यदि बूथ स्तर पर संगठन मजबूत किया जाए और जनता के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाया जाए तो इन सीटों पर चुनावी तस्वीर बदली जा सकती है।
CM के राजनीतिक मामलों के OSD रितेश कपरेट के अनुसार जिन विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस लगातार जीत दर्ज नहीं कर पाई है, वहां के प्रमुख कार्यकर्ताओं से सुझाव लिए जा रहे हैं। इन सुझावों के आधार पर आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अलग-अलग क्षेत्रों की रणनीति तैयार की जाएगी।
