#राजनीति

September 6, 2026

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रोका जयराम ठाकुर का काफिला, काले झंडे दिखाए - जमकर की नारेबाजी; जानें क्यों

सीमेंट प्लांट, श्रमिकों और रोजगार को लेकर जयराम का किया विरोध

शेयर करें:

Jairam Thakur Protest

बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश में राजनीतिक माहौल के बीच रविवार को बिलासपुर के बरमाणा में उस समय सियासी गर्मी बढ़ गई, जब पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के काफिले को विरोध का सामना करना पड़ा। बरमाणा पहुंचते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं और कुछ स्थानीय लोगों ने काफिले के सामने आकर काले झंडे दिखाए और जमकर नारेबाजी की। इस दौरान जयराम ठाकुर के साथ भाजपा और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के खिलाफ भी नारे लगाए गए।

 

अचानक हुए विरोध प्रदर्शन से मौके पर कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस टीम ने स्थिति को संभालते हुए बीच-बचाव किया और काफिले के लिए रास्ता साफ करवाया। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान बरमाणा के स्थानीय मुद्दों को लेकर भाजपा पर जमकर निशाना साधा।

जयराम ठाकुर को दिखाए काले झंडे

रविवार दोपहर जैसे ही जयराम ठाकुर का काफिला बरमाणा क्षेत्र से गुजरा, प्रदर्शनकारियों ने उन्हें काले झंडे दिखाकर विरोध दर्ज करवाया। नारेबाजी के बीच कुछ देर के लिए सड़क पर राजनीतिक माहौल गरमा गया। प्रदर्शन की अगुवाई बिलासपुर सदर कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष एवं ग्राम पंचायत बरमाणा के पूर्व उपप्रधान नतीश ठाकुर ने की।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल में 32 साल के युवक की ह**त्या! मा..रपीट के बाद तोड़ा दम; पिता ने 3 युवकों पर लगाए आरोप


उन्होंने कहा कि विरोध किसी व्यक्तिगत कारण से नहीं, बल्कि बरमाणा के लोगों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को लेकर है। प्रदर्शनकारियों ने रोजगार, ट्रक ऑपरेटरों के काम, श्रमिकों की सुविधाओं और एसीसी सीमेंट प्लांट से जुड़े स्थानीय हितों को प्रमुखता से उठाया।

एसीसी प्लांट से जुड़े मुद्दे बने विरोध का बड़ा आधार

बरमाणा में एसीसी प्लांट लंबे समय से स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार का महत्वपूर्ण आधार रहा है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि प्लांट बंद होने के दौर में ट्रांसपोर्टरों और स्थानीय कामगारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। नतीश ठाकुर ने आरोप लगाया कि उस समय भाजपा नेताओं ने ट्रांसपोर्टरों की समस्याओं को विधानसभा और संसद में अपेक्षित प्रभाव के साथ नहीं उठाया। 

 

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल: 28 साल की विवाहिता ने म*रने से पहले किया पति के जुल्मों का खुलासा; मां के लिए तड़प रहे दो मासूम

 

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि यूनियन से जुड़े लोगों की कई मांगें करीब छह महीने से लंबित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वेंडर कोड ब्लॉक होने के कारण स्थानीय ट्रक ऑपरेटरों को काम हासिल करने में परेशानी हो रही है। उन्होंने मांग की कि संबंधित समस्या का जल्द समाधान करवाया जाए, ताकि बरमाणा के स्थानीय ट्रांसपोर्टरों को नियमित रूप से काम मिल सके।

 

नतीश ठाकुर के अनुसार, ट्राले के किराये में 1.18 रुपये और छह चक्के वाले वाहनों के किराये में एक रुपये की कटौती का दावा किया गया है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से पहले स्थानीय ट्रांसपोर्टरों की आर्थिक स्थिति को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।

यह भी पढ़ें- हिमाचल में कल लगेगा रोजगार मेला : दसवीं पास को मिलेगी नौकरी, जानें पूरी डिटेल

स्थानीय युवाओं के रोजगार का मुद्दा भी उठा

बरमाणा में हुए प्रदर्शन के दौरान स्थानीय युवाओं के रोजगार का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया गया। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में स्थानीय लोगों को रोजगार देने के बजाय बाहरी लोगों को काम दिया जा रहा है। उनका कहना है कि जिस औद्योगिक क्षेत्र से बरमाणा और आसपास के हजारों परिवारों की उम्मीदें जुड़ी हैं, वहां सबसे पहले स्थानीय युवाओं और कामगारों के हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। कांग्रेस ने मांग की कि क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सुनिश्चित किए जाएं और स्थानीय लोगों को औद्योगिक गतिविधियों का सीधा लाभ मिले।

श्रमिकों की सुविधाओं को लेकर भी सवाल

प्रदर्शनकारियों ने सीमेंट उद्योग से जुड़े श्रमिकों को मिलने वाली सुविधाओं का मुद्दा भी उठाया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि श्रमिकों को पहले मिलने वाली सुविधाओं पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि समय रहते इन मामलों पर ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य में स्थानीय श्रमिकों और कामगारों के रोजगार पर भी असर पड़ सकता है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और प्रशासन से मांग की कि स्थानीय कारोबारियों, श्रमिकों और ट्रांसपोर्टरों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

यह भी पढ़ें- हिमाचल की युवती को फौजी ने फंसाया- कई बार लूटी आबरू, पुलिस ने यूनिट से दबोचा

भाजपा नेताओं पर अनदेखी का आरोप

कांग्रेस ने इस पूरे मामले को सीधे तौर पर भाजपा नेतृत्व से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि बरमाणा के स्थानीय लोगों की समस्याओं को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है। नतीश ठाकुर ने कहा कि लोगों की मांगों को केवल राजनीतिक विरोध का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए, बल्कि सरकार और प्रशासन को जमीनी स्तर पर इन समस्याओं को समझकर समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय युवाओं को रोजगार, ट्रक ऑपरेटरों को काम और श्रमिकों को उचित सुविधाएं मिलना बरमाणा के लोगों का हक है।

यह भी पढ़ें- हिमाचल में हुई नए नशे की एंट्री : चिट्टे से भी ज्यादा खतरनाक, पुलिस ने खेप संग दबोचे दो

काले झंडों से गरमाई बिलासपुर की सियासत

जयराम ठाकुर के काफिले को काले झंडे दिखाए जाने और नारेबाजी की घटना ने बिलासपुर की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। एक तरफ कांग्रेस ने इसे स्थानीय लोगों की आवाज बताते हुए भाजपा को घेरा, तो दूसरी ओर घटना ने विपक्षी नेता के दौरे के दौरान सुरक्षा और राजनीतिक विरोध के तौर-तरीकों को लेकर भी चर्चा पैदा कर दी है। बरमाणा में हुआ यह विरोध ऐसे समय सामने आया है, जब स्थानीय रोजगार, ट्रांसपोर्ट और औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े हित राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण मुद्दे बने हुए हैं।

यह भी पढ़ें- हिमाचल : एक साथ हुआ 3 दोस्तों का अंतिम संस्कार, इकलौते बेटे की अर्थी से लिपटी रही मां

सड़क पर विरोध, सियासत में वार-पलटवार

बरमाणा में कुछ देर के लिए सड़क पर दिखा विरोध अब राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है। कांग्रेस ने काले झंडों के जरिए जयराम ठाकुर और भाजपा के खिलाफ अपना आक्रोश जाहिर किया और स्थानीय समस्याओं को केंद्र में रखा। अब देखना होगा कि इस विरोध पर भाजपा की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है और बरमाणा के ट्रक ऑपरेटरों, युवाओं और श्रमिकों से जुड़े मुद्दों पर सरकार तथा प्रशासन की ओर से आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें

ट्रेंडिंग न्यूज़
LAUGH CLUB
संबंधित आलेख