शिमला: हिमाचल सरकार अब सरकारी कर्मचारियों के लिए एक नई पेंशन व्यवस्था की ओर बढ़ रही है। बताया जा रहा है कि अब नए कर्मचारियों के लिए यूनिफाइड पेंशन स्कीम का विकल्प दिया जाएगा। सुक्खू सरकार ने ओपीएस से हट यूपीएस की ओर जाने का बढ़ा फैसला लिया है। 

केंद्र सरकार ने यूपीएस का दिया है ऑप्शन

इस स्कीम में केंद्र सरकार की तर्ज पर रिटायरमेंट के समय एकमुश्त पेंशन देने का प्रावधान रहेगा। सरकार और कर्मचारी दोनों ही अपने-अपने हिस्से का योगदान देंगे। इसका मकसद भविष्य में पेंशन को लेकर विवादों से बचाव और नई भर्तियों के लिए एक स्पष्ट, सुरक्षित और निश्चित पेंशन व्यवस्था देना है।

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कर्मचारियों को मिलेगा बड़ा लाभ

  1. 58-59 साल की उम्र में रिटायरमेंट पर ग्रेच्युटी और पेंशन एक साथ मिलेगी।
  2. पेंशन कंप्यूटेशन के लिए 3-6 महीने तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
  3. 25 साल की सेवा पूरी के बाद पूरी पेंशन मिलेगी, भले नौकरी 35-40 साल क्यों न हो।
  4. रिटायरमेंट से एक दिन पहले के वेतन को पेंशन निर्धारण का आधार बनाया जाएगा।
  5. सेवा विस्तार और रिइंप्लॉयमेंट पर पूर्ण रोक लगाने का निर्णय संभव।

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कैबिनेट बैठक में होगा फैसला

सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में 17 मई को कैबिनेट बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में यूनिफाइड पेंशन स्कीम को मंजूरी दी जा सकती है। इससे पहले सीएम सुक्खू स्पष्ट कर चुके हैं कि OPS बहाल हो चुकी है और अब UPS के जरिए नई नियुक्तियों को सुरक्षित पेंशन ढांचा मिलेगा।

OPS-NPS विवाद खत्म करने की रणनीति

सरकार की मंशा है कि आने वाले वर्षों में OPS और NPS से जुड़े विवाद खत्म हो जाएं। UPS के जरिए एकीकृत और पारदर्शी प्रणाली का निर्माण होगा। यह नीति हिमाचल में आने वाली पीढ़ियों के कर्मचारियों के लिए स्थायित्व और भरोसे का आधार बनेगी।

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