शिमला। हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज के चुनावों को टालने को लेकर छिड़ी बहस के बीच नई अपडेट सामने आ रही है। बतौर रिपोर्ट्स, पहले जहां कल यानी 23 अक्टूबर को होने वाली कैबिनेट बैठक में इस बात का फैसला लिया जाना था कि पंचायत चुनाव कराए जाएंगे या नहीं। मगर अब इस महत्वपूर्ण बैठक को री-शेड्यूल कर दिया गया है। 

 

क्या है कैबिनेट की नई डेट 

 

तो मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में होने वाली इस कैबिनेट बैठक की डेट को बदलकर अब 23 अक्टूबर की जगह 25 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा। 

 

क्यों टाले जा सकते हैं पंचायत चुनाव ? 


गौर रहे कि हिमाचल में अभी पंचायती चुनावों को लेकर आरक्षण का रोस्टर भी नहीं जारी हुआ है। इस सब के बीच अलग-अलग जिलों के DC ने उनके इलाकों सड़क सुविधा पूरी तरह से बहाल ना हो पाने का हवाला देकर पंचायत चुनाव को कुछ दिन आगे बढ़ाने की डिमांड की है। 

 

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ऐसे में सरकार की तरफ से इसे टालने का निर्णय लिया गया है। हालांकि, मुख्यमंत्री अपने कई बयानों में ये बात साफ़ कर चुके हैं कि प्रदेश में पंचायती राज के चुनाव समय पर ही कराए जाएंगे। इसलिए अब 25 अक्टूबर को होने वाली कैबिनेट बैठक में ही इस विषय पर फाइनल फैसला लिया जाएगा। वहीं, इस बैठक के दौरान नगर निगम शिमला के मेयर व डिप्टी मेयर का कार्यकाल बढ़ाने को लेकर रोस्टर से जुड़ा प्रस्ताव भी पेश किया जा सकता है। 

 

राज्य निर्वाचन आयुक्त खुद चौंके हुए हैं 


वहीं, बताया ये भी जा रहा है कि राज्य निर्वाचन आयुक्त खुद प्रदेश सरकार के इस फैसले को लेकर हैरान पड़े हैं। राज्य निर्वाचन आयुक्त का तर्क ये है कि जब प्रदेश के सभी बच्चे स्कूलों में वापस लौट गए हैं, उनकी पढ़ाई का पुराना क्रम फिर से सुचारू हो गया है। तो फिर पंचायती चुनावों के लिए वोटिंग कराने में दिक्कत कहां से ही आएगी।

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