दिल्ली। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस संगठन के लंबे इंतजार के बाद आज बड़ा दिन है। जिला कांग्रेस कमेटियों के गठन को लेकर पार्टी हाईकमान आज दिल्ली में अहम बैठक करने जा रहा है। कई महीनों से बंद पड़े संगठन पर आज मंथन कर जिला अध्यक्षों के नाम पर मुहर लग सकती है। नए संगठन को बनाने के लिए आज कई बड़े नेता रिपोर्ट पर विचार करेंगे।
दिल्ली में आज अहम बैठक
दिल्ली में होने वाली इस बैठक में पार्टी के महासचिव केसी वेणुगोपाल, प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार शामिल होंगे। CM सुखविंद्र सिंह सुक्खू का भी बैठक में शामिल होना प्रस्तावित बताया जा रहा है। इससे पहले यह बैठक सोमवार शाम प्रस्तावित थी, लेकिन इसे स्थगित कर आज के लिए तय किया गया।
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पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट पर होगा फैसला
बैठक में संगठन सृजन अभियान के तहत नियुक्त पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा होगी। जिन नेताओं ने जिला अध्यक्ष पद के लिए आवेदन किए हैं, उनके संगठनात्मक अनुभव, पार्टी में भूमिका, जिम्मेदारियों का रिकॉर्ड और जमीनी पकड़ का आकलन किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार इस बार कई जिलों में नए चेहरों को जिम्मेदारी मिलने की संभावना है।
विनय कुमार की दिल्ली में मुलाकात
इसी क्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने सोमवार को दिल्ली में AICC महासचिव कुमारी शैलजा से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान प्रदेश के राजनीतिक हालात, संगठन की मजबूती और विकास से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
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युवाओं को मिल सकता है मौका
पार्टी के भीतर यह चर्चा तेज है कि संगठन को नई ऊर्जा देने के लिए युवाओं को भी जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। यह मॉडल कांग्रेस हाईकमान पहले ही देश के 10 से अधिक राज्यों में लागू कर चुका है और हिमाचल में पहली बार इसे अपनाया जा रहा है।
दो चरणों में होगा संगठन गठन
संगठन सृजन अभियान का यह पहला चरण है। पहले चरण में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की जाएगी। इसके बाद दूसरे चरण में ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्ष चुने जाएंगे। जिला और ब्लॉक अध्यक्षों को पार्टी की विचारधारा, कार्यक्रमों की रूपरेखा और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
13 महीने से भंग है संगठन
गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में पिछले करीब 13 महीनों से प्रदेश, जिला और ब्लॉक कांग्रेस कमेटियां भंग हैं। 6 नवंबर 2024 को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के साथ जिला और ब्लॉक कमेटियों को भंग कर दिया था। इसके बाद से अब तक संगठन का पुनर्गठन नहीं हो पाया है।
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पुराने चेहरों से बदलाव की उम्मीद
हिमाचल कांग्रेस में लंबे समय से यह आरोप लगता रहा है कि जिला और ब्लॉक स्तर पर वही चेहरे वर्षों से जमे हुए हैं। संगठन सृजन अभियान से पार्टी को उम्मीद है कि जिला अध्यक्षों को वास्तविक सियासी ताकत मिलेगी और संगठन में नया संतुलन बनेगा।
