शिमला। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में हाल ही में सामने आए आंतरिक विवाद और पार्टी उपाध्यक्ष पद से नीरज भारती के इस्तीफे को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इस पूरे मामले पर प्रदेश के कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने प्रतिक्रिया देते हुए पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को अनुशासन, संयम और संवाद की नसीहत दी है।

ऐसी शिकायतों को सार्वजनिक मंचों पर उठाना गलत

दरअसल, कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने स्पष्ट कहा कि संगठन या सरकार से जुड़ी शिकायतों को सार्वजनिक मंचों पर उठाने के बजाय पार्टी के भीतर चर्चा के माध्यम से हल किया जाना चाहिए। मंत्री चंद्र कुमार ने एक कहावत का उल्लेख करते हुए कहा कि जब बेटे के पैर में पिता का जूता आने लगे, तब उसे समझाना आसान नहीं रहता।

 

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हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन किसी भी आरोप या असहमति को सार्वजनिक करने से पहले तथ्यों और परिस्थितियों पर गंभीरता से विचार करना जरूरी होता है।

कांग्रेस एक लोकतांत्रिक संगठन है

उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक लोकतांत्रिक संगठन है, जहां हर नेता और कार्यकर्ता को अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिलता है। यदि किसी को सरकार की कार्यप्रणाली, संगठन के निर्णयों या किसी नीति को लेकर आपत्ति है तो उसे मुख्यमंत्री और पार्टी नेतृत्व के समक्ष रखना चाहिए। सोशल मीडिया, व्हाट्सएप ग्रुप या मीडिया के माध्यम से अपनी ही सरकार और संगठन पर सवाल उठाना उचित परंपरा नहीं मानी जा सकती।

 

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कृषि मंत्री ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल की सबसे बड़ी ताकत उसका अनुशासन और एकजुटता होती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन उन्हें सार्वजनिक विवाद का रूप देने से संगठन की छवि प्रभावित होती है। इसलिए सभी नेताओं को पार्टी के स्थापित मंचों का उपयोग कर अपनी बात रखनी चाहिए।

पार्टी नेतृत्व इस मामले को गंभीरता से देख रहा है

नीरज भारती के इस्तीफे को लेकर मंत्री चंद्र कुमार ने कहा कि पार्टी नेतृत्व इस मामले को गंभीरता से देख रहा है। उन्होंने बताया कि इस्तीफे को लेकर सभी पक्षों से बातचीत की जाएगी और किसी भी निर्णय से पहले परिस्थितियों को पूरी तरह समझने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि युवा नेताओं और कार्यकर्ताओं की भावनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा तथा उनकी बातों को भी महत्व दिया जाएगा।

 

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उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा संवाद और विचार-विमर्श की राजनीति में विश्वास रखती है। किसी भी असहमति या विवाद का समाधान बातचीत के जरिए निकाला जा सकता है। जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालने के बजाय सभी पक्षों को साथ लेकर समाधान तलाशना ही बेहतर रास्ता है।

लोकतंत्र में आलोचना का स्वागत होना चाहिए

मंत्री चंद्र कुमार ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में रचनात्मक आलोचना का स्वागत होना चाहिए, क्योंकि इससे व्यवस्था में सुधार की गुंजाइश बनती है। लेकिन ऐसी टिप्पणियों से बचना चाहिए जो पार्टी और सरकार की सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाएं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि संगठन की मजबूती और सरकार की स्थिरता के लिए सभी को सामूहिक जिम्मेदारी निभानी होगी।

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