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June 6, 2026

सुक्खू सरकार को हाईकोर्ट से बड़ा झटका, करना होगा निजी अस्पतालों का हिमकेयर भुगतान- जानें

निजी अस्पतालों को करना पड़ रहा आर्थिक परेशानी का सामना

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Himcare Scheme

शिमला। हिमाचल प्रदेश में हिमकेयर योजना के तहत निजी अस्पतालों के भुगतान को लेकर चल रहे विवाद में हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण हस्तक्षेप किया है। प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा निजी अस्पतालों के भुगतान पर लगाई गई रोक को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल विजिलेंस जांच का हवाला देकर भुगतान रोकना न्यायालय के पूर्व आदेशों की भावना के अनुरूप नहीं है।

अदालत ने सरकार मांगा से जवाब

मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि 30 मई 2026 को स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एक पत्र में निर्देश दिए गए थे कि विजिलेंस जांच पूरी होने तक हिमकेयर योजना के अंतर्गत निजी अस्पतालों को कोई भुगतान नहीं किया जाएगा।

 

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हालांकि सरकारी अस्पतालों के भुगतान पर यह रोक लागू नहीं होगी। इस पर अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए सरकार से जवाब मांगा कि न्यायालय के आदेशों की अनदेखी करने पर उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए।

निजी अस्पतालों को करना पड़ रहा आर्थिक परेशानी का सामना

सुनवाई के दौरान सरकार ने दावा किया कि डायलिसिस और अन्य उपचार संबंधी कई दावों का भुगतान किया जा चुका है। इसके बावजूद अदालत ने माना कि दावों के सत्यापन और भुगतान की प्रक्रिया बेहद धीमी गति से चल रही है, जिससे निजी अस्पतालों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

 

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कोर्ट ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि पूर्व में गैर-डायलिसिस मामलों की जांच को तेज करने के लिए सात डॉक्टरों की तैनाती के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इस व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू नहीं किया गया। अदालत ने सरकार को तत्काल इस प्रक्रिया को मजबूत करने और लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करने के निर्देश दिए।

सत्यापन के नाम पर बार-बार मांगे जा रहे स्पष्टीकरण

याचिका दायर करने वाले अस्पतालों ने आरोप लगाया कि सत्यापन के नाम पर उनसे बार-बार स्पष्टीकरण मांगे जा रहे हैं और भुगतान को अनावश्यक रूप से टाला जा रहा है। उनका कहना था कि इससे अस्पतालों की वित्तीय स्थिति प्रभावित हो रही है और मरीजों को दी जा रही सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है।

 

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इस पर महाधिवक्ता ने अदालत को भरोसा दिलाया कि जांच प्रक्रिया के दौरान किसी भी अस्पताल को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाएगा और केवल जरूरी तथ्यों की ही जांच की जाएगी। साथ ही भुगतान प्रक्रिया को भी बिना वजह लंबित नहीं रखा जाएगा।

हाईकोर्ट ने सरकार को दिए निर्देश

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि जिन दावों का सत्यापन और स्वीकृति पूरी हो चुकी है, उनका भुगतान अगली सुनवाई से पहले संबंधित अस्पतालों को किया जाए। अब इस मामले की अगली सुनवाई 25 जून 2026 को होगी, जिसमें सरकार को अद्यतन स्थिति रिपोर्ट पेश करनी होगी।

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