शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में चल रहे बजट सत्र का दूसरा दिन कई मायनों में अहम माना जा रहा है। खासकर उन हजारों आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए, जो वर्षों से स्थायी नौकरी की उम्मीद लगाए बैठे हैं। आज सदन की कार्यवाही शुरू होते ही इस मुद्दे के जोरदार तरीके से उठने की पूरी संभावना है, जिससे सियासी माहौल भी गरमा सकता है।
गूंजेगा आउटसोर्स कर्मचारियों का मुद्दा
गुरुवार सुबह 11 बजे जैसे ही विधानसभा की कार्यवाही प्रश्नकाल से शुरू होगी, सबसे पहले जिन मुद्दों पर चर्चा होगी, उनमें आउटसोर्स कर्मचारियों का विषय प्रमुख है। करसोग से भाजपा विधायक दीपराज ने इस विषय को सदन में उठाया है। उन्होंने सरकार से सीधा सवाल किया है कि प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों के भविष्य को लेकर आखिर ठोस नीति क्या है।
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CM सुक्खू के जवाब पर टिकी नजर
इस सवाल का जवाब मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को देना है। ऐसे में न सिर्फ कर्मचारियों, बल्कि राजनीतिक हलकों की नजरें भी इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इस संवेदनशील मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है।
स्थायी नियुक्ति का लाभ
विधायक दीपराज ने अपने सवाल में यह भी जानना चाहा है कि उच्च न्यायालय के 2025 के फैसले के बाद कितने आउटसोर्स कर्मचारियों को स्थायी नियुक्ति का लाभ मिला है। इसके साथ ही उन्होंने सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा है कि नियमितीकरण को लेकर वर्तमान में क्या प्रक्रिया या नीति लागू है और आगे क्या योजना है।
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विधायक ने पूछा था सवाल
सिर्फ यही नहीं, उन्होंने वित्त विभाग द्वारा जारी उस आदेश पर भी जवाब मांगा है, जिसमें आउटसोर्स कर्मचारियों को हटाने पर रोक की बात कही गई थी। विधायक ने यह जानना चाहा है कि इस आदेश का पालन किन-किन विभागों में हो रहा है और इससे कर्मचारियों को कितना वास्तविक लाभ मिला है।
वेतन, सुविधाएं और विभागवार स्थिति
आउटसोर्स कर्मचारियों की सबसे बड़ी चिंता उनकी आय और सुविधाओं को लेकर भी है। इस पर भी सदन में सवाल उठाया गया है। विधायक ने पूछा है कि कर्मचारियों को दी जा रही 750 रुपये की वेतन वृद्धि, ईएसआई (स्वास्थ्य बीमा), यात्रा भत्ता जैसी सुविधाएं किन विभागों में लागू हैं और किन जगहों पर अभी भी यह लागू नहीं हो पाई हैं।
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मांगी कई अहम जानकारी
इसके अलावा करसोग क्षेत्र के युवाओं के लिए शिक्षा, जल शक्ति और बिजली विभाग में कितने पद स्वीकृत हुए हैं, इस पर भी जानकारी मांगी गई है। जलवाहक और पैरा-फिटर जैसे पदों पर कार्यरत कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर सरकार की क्या योजना है, यह भी चर्चा का हिस्सा रहेगा।
कुल 53 सवालों से गरमाएगा सदन
आज के प्रश्नकाल के लिए विभिन्न विधायकों ने कुल 53 सवाल सूचीबद्ध किए हैं, जिनमें 42 तारांकित और 11 अतारांकित प्रश्न शामिल हैं। ये सवाल अलग-अलग विभागों और जनहित के मुद्दों से जुड़े हुए हैं, जिससे आज का दिन काफी व्यस्त और बहसपूर्ण रहने वाला है।
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इन सवालों में आवास आवंटन, सरकारी विभागों में खाली पद, मल्टी टास्क वर्कर्स की स्थिति, बीएड कक्षाओं की व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, पुल निर्माण, दूध खरीद नीति, वन विभाग से जुड़े मुद्दे, आपदा से हुए नुकसान और भूमि पट्टों जैसे विषय भी शामिल हैं।
बात रखने का मिलेगा मौका
प्रश्नकाल के अलावा आज सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को लेकर भी चर्चा जारी रहेगी। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों को अपनी-अपनी बात रखने का मौका मिलेगा, जिससे सियासी माहौल और भी तेज होने के आसार हैं।
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कर्मचारियों की उम्मीदें बढ़ीं
बजट सत्र का यह दिन आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि लंबे समय से उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं हो पाया है। ऐसे में आज सदन में होने वाली चर्चा से उन्हें किसी सकारात्मक संकेत की उम्मीद है।
