शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान इस बार न केवल वित्तीय घोषणाएं चर्चा में रहीं, बल्कि सदन के भीतर कुछ दिलचस्प और हल्के-फुल्के घटनाक्रम भी देखने को मिले। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा पेश किया जा रहा बजट भाषण इतना लंबा था कि बीच में ही कार्यवाही रोकनी पड़ी।

134 पन्नों का बजट भाषण

बतौर रिपोर्टर्स, बजट भाषण कुल 134 पन्नों का था और लगातार पढ़ते-पढ़ते दोपहर तक मुख्यमंत्री थकान महसूस करने लगे। इसी दौरान विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने माहौल को हल्का करते हुए कहा कि “सीएम थक गए हैं, थोड़ा ब्रेक ले लेते हैं।”

 

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इसके बाद पहले 15 मिनट का ब्रेक प्रस्तावित किया गया, जिसे बाद में बढ़ाकर एक घंटे कर दिया गया और सदन की कार्यवाही ढाई बजे तक स्थगित कर दी गई।

सीएम के भाषण के एक शब्द को लेकर विपक्ष ने आपत्ति जताई

सत्र के दौरान शुरुआत में माहौल कुछ गरमाया हुआ था। मुख्यमंत्री के भाषण के एक शब्द को लेकर विपक्ष ने आपत्ति जताई, जिससे सदन में हंगामा हो गया। स्थिति को संभालते हुए स्पीकर ने उस शब्द को कार्यवाही से हटाने के निर्देश दिए।

 

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हालांकि, समय बीतने के साथ माहौल सामान्य होता गया। इस बीच सदन में हल्की-फुल्की नोकझोंक और मजाकिया टिप्पणियां भी देखने को मिलीं। जब-जब बजट भाषण में नादौन और देहरा का जिक्र आया, तो स्पीकर ने चुटकी लेते हुए कहा कि “भटियात का नाम भी जोड़ दो।” इस पर मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि उन्होंने तो स्पीकर से दिल जोड़ रखा है।

इन टिप्पणियों से सहज हुआ सदन का माहौल

गौरतलब है कि नादौन मुख्यमंत्री का निर्वाचन क्षेत्र है, जबकि देहरा से उनकी पत्नी विधायक हैं और भटियात स्पीकर का क्षेत्र है। इन टिप्पणियों से सदन का माहौल हल्का और सहज हो गया। कुल मिलाकर, जहां एक ओर बजट भाषण अपनी लंबाई और अहम घोषणाओं के कारण चर्चा में रहा, वहीं दूसरी ओर सदन के भीतर के ये मानवीय और सहज पल भी इस सत्र को खास बनाते नजर आए।

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