शिमला। हिमाचल विधानसभा का मानसून सत्र हर दिन हंगामेदार रह रहा है। अब विपक्ष यानी भाजपा विधायक विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया को पद से हटाने की मांग पर अड़ गए हैं। विपक्ष स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में है। जिसके चलते ही विपक्ष ने विधानसभा सचिव को इसका नोटिस भी दे दिया है। नेता प्रतिपक्ष सहित सभी भाजपा विधायकों ने आज राजभवन पहुंच कर राज्यपाल से मुलाकात की और राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल को ज्ञापन सौंपा। भाजपा विधायकों ने राज्यपाल को विधानसभा अध्यक्ष के तानाशाही पूर्ण रवैये को लेकर ज्ञापन सौंपा और उन्हें पद से हटाने की मांग की।
स्पीकर का व्यवहार सदन के अंदर और बाहर नहीं है सही
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने बताया की हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी का विधायक दल राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल के ध्यान में लाना चाहते हैं कि चौदहवी विधान सभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया का व्यवहार सदन के अंदर और बाहर जहां विधायकों की भावना को आहत कर रहा है। वहीं विधान सभा अध्यक्ष के संवैधानिक पद की गरिमा को भी ठेस पहुंचा रहा है।स्पीकर कर रहे पक्षपात पूर्व रवैया
जयराम ठाकुर ने कहा कि सदन के अंदर विधान सभा अध्यक्ष का रवैया पक्षपात एवं तानाशाही पूर्ण रहता है। हमेशा नियमों एवं परंपराओं के खिलाफ काम करते हुए सत्ता पक्ष को लाभ पहुंचाने का प्रयास करते हैं। विपक्षी सदस्यों विशेषकर नेता प्रतिप्रक्ष द्वारा नियमों का हवाला देने पर हमेशा यही कहा जाता कि मुझे सब पता है मुझे सिखाने की जरूरत नहीं है। हद तो तब हो गई जब मीडिया के सामने कहा कि नेता प्रतिपक्ष मेरे से बहुत जूनियर हैं वो मुझे क्या सिखाएंगे।राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल को भाजपा ने क्या बताया
- विपक्ष ने राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से की मुलाकात, सौंपा ज्ञापन
- भाजपा विधायकों ने राज्यपाल को विधानसभा अध्यक्ष के तानाशाही पूर्ण रवैये को लेकर सौंपा ज्ञापन
- भाजपा विधायकों ने स्पीकर को पद से हटाने की उठाई मांग
- नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर बोले विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया का व्यवहार सदन के अंदर और बाहर नहीं सही।
- छह विधायकों के सिर कलम करने के बयान से विधायकों की भावना हुई आहत
- विधान सभा अध्यक्ष के संवैधानिक पद की गरिमा को पहुंचा रहे ठेस
- सदन में विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया अपना रहे पक्षपातपूर्ण रवैया
- हमेशा नियमों एवं परंपराओं के खिलाफ काम करते हुए सत्ता पक्ष को लाभ पहुंचाने का कर रहे प्रयास
