शिमला। हिमाचल की आर्थिक चुनौतियों, प्राकृतिक आपदाओं और लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर अब नजरें दिल्ली पर टिक गई हैं। PM नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में होने वाली नीति आयोग की बैठक में CM सुखविंदर सिंह सुक्खू प्रदेश के कई ऐसे मुद्दों को सामने रख सकते हैं, जिनका असर सीधे हिमाचल के भविष्य से जुड़ा है।
दिल्ली रवाना हुए CM सुक्खू
CM सुखविंदर सिंह सुक्खू बुधवार को दिल्ली रवाना हो गए हैं। वहां 11 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक आयोजित की जाएगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश के मुख्य सचिव केके पंत भी शामिल होंगे।
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हिमाचल से जुड़े अहम मुद्दों पर रहेगा फोकस
सूत्रों के अनुसार, CM सुक्खू निर्धारित एजेंडे के अलावा हिमाचल से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को भी बैठक में प्रमुखता से उठा सकते हैं। इनमें RDG बंद होने के बाद राज्य को हुए वित्तीय नुकसान की भरपाई, जीएसटी व्यवस्था के कारण होने वाले राजस्व नुकसान की क्षतिपूर्ति तथा प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित पहाड़ी राज्यों के लिए राहत और मुआवजा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की मांग शामिल है।
ग्रीन बोनस की मांग को मिल सकती है नई धार
राज्य सरकार लंबे समय से हिमाचल के लिए ग्रीन बोनस की मांग करती रही है। सरकार का तर्क है कि हिमाचल प्रदेश देश के पर्यावरण और वन संपदा के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। ऐसे में वन संरक्षण के बदले राज्य को विशेष वित्तीय सहायता प्रदान की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री इस मुद्दे को भी बैठक में प्रमुखता से उठा सकते हैं।
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देशभर के CM होंगे शामिल
नीति आयोग की इस बैठक में देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उप राज्यपाल और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे। यह मंच केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय स्थापित करने और सहकारी संघवाद को मजबूत करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
इन विषयों पर भी हो सकती है चर्चा
बैठक में मानव संसाधन विकास, शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार सृजन और उद्यमिता को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा स्वच्छ ऊर्जा, नवाचार, आत्मनिर्भर भारत, सतत विकास और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कुशल मानव संसाधन तैयार करने जैसे विषय भी चर्चा के केंद्र में रह सकते हैं।
