मंडी। हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी, सराज विधानसभा क्षेत्र में भारी बारिश और आपदा से जूझ रहे लोगों के बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए थुनाग विश्राम गृह में बीती रात बिताई। प्रशासन की ओर से मौसम विभाग की चेतावनी के चलते मुख्यमंत्री को वहां रुकने से मना किया गया था, लेकिन उन्होंने प्रभावितों के साथ रहने का निर्णय लिया।

शिविर में रखे गए हैं 130 लोग

बतौर रिपोर्टर्स, थुनाग विश्राम गृह में स्थापित सबसे बड़े राहत शिविर में इस समय 130 लोग शरण लिए हुए हैं। मुख्यमंत्री ने शिविर में पहुंचकर हर एक प्रभावित से बातचीत की, उनकी समस्याएं सुनीं और उपलब्ध कराई जा रही राहत सुविधाओं का स्वयं जायजा लिया।

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उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सीएम बोले- पीड़ितों के साथ मजबूती से खड़ा हूं

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रभावितों के पुनर्वास के लिए हर संभव कदम उठा रही है। सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रभावितों को जल्द राहत सामग्री उपलब्ध करवाई जाए और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ शीघ्र मिले।

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सीएम सुक्खू ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी सरकार हर आपदा प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राहत और बचाव कार्यों में तत्परता दिखाएं और किसी भी जरूरतमंद को कोई परेशानी न हो।

सीएम सुक्खू की प्रतिबद्धता

बहरहाल, यह संवेदनशील पहल मुख्यमंत्री सुक्खू की प्रतिबद्धता को दर्शाती है कि आपदा की इस घड़ी में सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं, बल्कि जमीन पर उतरकर हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है।

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