चंडीगढ़/शिमला। हिमाचल की राजनीति में जारी बयानबाजी के बीच कांग्रेस नेता नीरज भारती ने चंडीगढ़ में अपना डोप टेस्ट करवाकर नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। भारती ने दावा किया कि उन्होंने उन पर लगाए गए आरोपों के जवाब में यह कदम उठाया है। डोप टेस्ट के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को भी खुली चुनौती देते हुए कहा कि पारदर्शिता और सच्चाई के लिए उन्हें भी इसी तरह जांच करवानी चाहिए।

अब किया जा रहा है रिपोर्ट आने का इंतजार

बतौर रिपोर्टर्स, नीरज भारती ने डोप टेस्ट करवाने के बाद कहा कि उन पर लगाए गए आरोपों के बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से दी गई चुनौती को स्वीकार किया है। उनका कहना है कि सच सामने लाने के लिए उन्होंने स्वेच्छा से जांच करवाई है और अब रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है।

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उन्होंने दावा किया कि टेस्ट रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी ताकि किसी तरह की अटकलों और अफवाहों पर विराम लगाया जा सके। नीरज भारती ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति पर सार्वजनिक मंचों से गंभीर आरोप लगाए जाते हैं तो पारदर्शिता के लिए तथ्यों को सामने लाना जरूरी होता है।

अपनी ओर से जांच करवाकर उदाहरण पेश किया

उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने अपनी ओर से जांच करवाकर उदाहरण पेश किया है और अब आरोप लगाने वाले नेताओं को भी इसी तरह आगे आकर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। इस दौरान अजय वर्मा ने भी कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन व्यक्तिगत आरोपों का जवाब तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर दिया जाना चाहिए।

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उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद सच्चाई जनता के सामने होगी। नीरज भारती ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि राजनीतिक शुचिता और जवाबदेही केवल विपक्ष या पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए ही नहीं, बल्कि सभी सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों के लिए समान रूप से लागू होनी चाहिए।

सबकी नजरें डोप टेस्ट की रिपोर्ट पर टिकी

राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। एक ओर समर्थक इसे आत्मविश्वास और पारदर्शिता का कदम बता रहे हैं, वहीं विरोधी दल और अन्य राजनीतिक नेता रिपोर्ट आने के बाद ही कोई प्रतिक्रिया देने की बात कह रहे हैं।

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फिलहाल सभी की नजरें डोप टेस्ट की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसे जल्द सार्वजनिक किए जाने की बात कही जा रही है। रिपोर्ट सामने आने के बाद यह मुद्दा हिमाचल की राजनीति में और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है।

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