शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में सोमवार का दिन बेहद अहम रहने वाला है, क्योंकि आज राज्य के आगामी वित्त वर्ष का बजट सदन में पारित किया जाएगा। बजट सत्र अपने निर्णायक चरण में पहुंच चुका है और सरकार की आर्थिक नीतियों पर अंतिम मुहर लगने जा रही है।
आज पास होगा बजट
सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे शुरू होगी, जिसकी शुरुआत प्रश्नकाल से होगी। इस दौरान विधायकों द्वारा उठाए गए विभिन्न जनहित मुद्दों पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और संबंधित मंत्री जवाब देंगे। प्रश्नकाल में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होने की संभावना है, जिससे प्रदेश की वर्तमान स्थिति और सरकार की कार्यप्रणाली पर भी रोशनी पड़ेगी।
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प्रश्नकाल में उठेंगे अहम मुद्दे
आज के प्रश्नकाल में ब्यास नदी में ड्रेजिंग (गाद निकालने) का मुद्दा प्रमुख रूप से उठेगा। इस विषय पर विधायक भुवनेश्वर गौड़ द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब CM सुक्खू देंगे। इसके अलावा प्रदेश में चल रहे नशा निवारण केंद्रों की स्थिति, उनकी प्रभावशीलता और संसाधनों को लेकर भी सरकार से जवाब तलब किया जाएगा।
इसी कड़ी में राज्य चयन आयोग के परीक्षा केंद्रों से जुड़े मुद्दे भी प्रश्नकाल का हिस्सा रहेंगे। अभ्यर्थियों की सुविधा, पारदर्शिता और व्यवस्थाओं को लेकर यह सवाल महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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सदन में गूंजेगा बड़ा सवाल
स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ा एक बड़ा सवाल भी आज सदन में गूंजेगा। विधायक हरदीप बावा द्वारा आशा वर्करों के नियमितीकरण को लेकर स्थायी नीति बनाने का मुद्दा उठाया जाएगा। खासतौर पर उन आशा वर्करों के लिए, जिन्होंने 10 साल या उससे अधिक समय तक सेवाएं दी हैं। इस पर सरकार का रुख क्या रहेगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
कटौती प्रस्तावों पर गरमाएगा माहौल
प्रश्नकाल के बाद सदन में विपक्ष द्वारा लाए गए कटौती प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा होगी। विपक्ष इन प्रस्तावों के जरिए सरकार की नीतियों और बजट प्रावधानों पर सवाल उठाएगा। विभिन्न विभागों के खर्च, योजनाओं की प्राथमिकता और वित्तीय प्रबंधन को लेकर तीखी बहस होने के आसार हैं।
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सदन में बढ़ेगा राजनीतिक तापमान
चर्चा के बाद सरकार इन सभी प्रस्तावों का जवाब देगी और अंततः बजट को पारित कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। बहुमत के आधार पर सरकार को बजट पारित कराने में किसी बड़ी अड़चन की संभावना नहीं है, लेकिन बहस के दौरान राजनीतिक तापमान बढ़ना तय माना जा रहा है।
कल होगा प्राइवेट मेंबर डे
*बजट पारित होने के बाद मंगलवार यानी कल सदन में प्राइवेट मेंबर-डे मनाया जाएगा। इस दिन गैर-सरकारी सदस्यों द्वारा लाए गए निजी विधेयकों और प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी। कई बार ऐसे प्रस्तावों के जरिए भी महत्वपूर्ण जन मुद्दे सदन में उठते हैं।
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बजट लागू होने के बाद शुरू होगी प्रक्रिया
बजट पारित होते ही सरकार द्वारा की गई घोषणाओं को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। सभी विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे, ताकि योजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू किया जा सके।
टिकी हैं सबकी निगाहें
इस बार के बजट में कर्मचारियों की सैलरी में कटौती से जुड़ी घोषणा ने खासा ध्यान खींचा है। इस फैसले को लेकर कर्मचारी संगठनों में पहले से ही चर्चा चल रही है और अब सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि सरकार इसे किस तरह लागू करती है।
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इनके बढ़े मानदेय
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दिहाड़ी को 750 रुपये करने की घोषणा की। इसके साथ ही आउटसोर्स कर्मियों के वेतन में भी बढ़ोतरी की गई। आउटसोर्स कर्मियों को अब 13,750 मिलेंगे। इसी तरह से इन्हें
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 1000 रुपये की बढ़ोतरी, अब हर महीने 11,500 रुपये मिलेंगे।
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मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 1000 रुपये बढ़कर 8,300 रुपये हो गया।
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आंगनबाड़ी सहायिकाओं को 1000 रुपये की वृद्धि के बाद 6,800 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
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आशा वर्करों का मानदेय भी 1000 रुपये बढ़ाकर 6,800 रुपये कर दिया गया।
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सिलाई शिक्षकों के मासिक मानदेय में 1000 रुपये की बढ़ोतरी की गई।
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मिड-डे मील वर्करों को 500 रुपये की वृद्धि के साथ अब 5,500 रुपये मिलेंगे।
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शिक्षा विभाग के जल वाहकों का मानदेय 500 रुपये बढ़कर 6,000 रुपये हो गया।
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जल रक्षकों को 500 रुपये की बढ़ोतरी के बाद 6,100 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
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जल शक्ति विभाग के बहुउद्देशीय कर्मचारियों को 500 रुपये बढ़ाकर 6,000 रुपये दिए जाएंगे।
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लोक निर्माण विभाग के मल्टी टास्क वर्करों के मानदेय में 500 रुपये की वृद्धि की गई।
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पैरा फिटर और पंप ऑपरेटर का मानदेय 500 रुपये बढ़कर 7,100 रुपये हो गया।
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पंचायत चौकीदारों को 500 रुपये बढ़ोतरी के बाद 9,000 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
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राजस्व चौकीदारों का मानदेय 500 रुपये बढ़कर 6,800 रुपये हो गया।
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राजस्व लंबरदारों को 500 रुपये बढ़ोतरी के बाद 5,000 रुपये मिलेंगे।
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SMC शिक्षकों के मानदेय में 500 रुपये प्रतिमाह बढ़ाए गए हैं।
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IT शिक्षकों को भी 500 रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी दी गई।
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SPO's के मानदेय में 500 रुपये प्रतिमाह की वृद्धि हुई।
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अंशकालिक मल्टी टास्क वर्करों को भी 500 रुपये प्रति माह अतिरिक्त दिए जाएंगे।
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आंगनबाड़ी और मिड-डे मील वर्कर्स को राहत
जहां एक ओर सरकार खर्च घटा रही है, वहीं सामाजिक क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों को राहत भी दी गई है।
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में 1000 रुपये की बढ़ोतरी
- मिड-डे मील वर्कर्स को अब 5500 रुपये मानदेय मिलेगा
