शिमला। हिमाचल प्रदेश में स्थानीय निकाय और पंचायती राज चुनावों के बीच सियासी माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। आचार संहिता के दौरान कैबिनेट बैठक बुलाने को लेकर भारतीय जनता पार्टी द्वारा उठाए जा रहे सवालों का मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने तीखे अंदाज में जवाब दिया है। मुख्यमंत्री ने भाजपा पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब भाजपा सत्ता में रहते हुए ऐसे फैसले लेती है तो उसे नियमों के अनुरूप बताया जाता है, लेकिन वही काम कांग्रेस सरकार करे तो उसे आचार संहिता का उल्लंघन कहा जाता है।

भाजपा की कथनी और करनी में अंतर

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में बहुत बड़ा अंतर है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा लगता है जैसे भाजपा करे तो वह पुण्य का काम है और कांग्रेस करे तो वही पाप बन जाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अब इस राजनीति को भली.भांति समझ चुकी है और विपक्ष के आरोपों में कोई दम नहीं है।

 

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जयराम ठाकुर को दिखाया आईना

विपक्ष को आईना दिखाते हुए मुख्यमंत्री ने साल 2020-21 के पुराने घटनाक्रम का विशेष तौर पर जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश में जयराम ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा की सरकार थी, तब भी पंचायती राज, जिला परिषद और नगर निगम के चुनाव चल रहे थे। उस समय भी प्रदेश भर में आचार संहिता लागू थी, लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने न सिर्फ कैबिनेट की बैठकें बुलाई थीं, बल्कि कई महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले भी लिए थे। उस समय भाजपा को इसमें कोई नियम उल्लंघन नजर नहीं आया था।

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अब जब वर्तमान सरकार ने प्रशासनिक जरूरतों के तहत कैबिनेट बैठक बुलाई है तो भाजपा इसे मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है। सुक्खू ने कहा कि सरकार जनता के हितों से जुड़े फैसले लेने के लिए जिम्मेदार है और प्रशासनिक कामकाज चुनावी प्रक्रिया के कारण पूरी तरह नहीं रोका जा सकता। ऐसे में भाजपा का विरोध केवल राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश है।

24 घंटे खुलेंगे रेस्टोरेंट और बार 

राजनीतिक विवाद के बीच मुख्यमंत्री ने प्रदेश के व्यापार और पर्यटन क्षेत्र के लिए एक बड़ा ऐलान भी किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में अब रेस्टोरेंट, बार, होटल, ढाबे, दुकानें और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान अपनी क्षमता और आवश्यकता के अनुसार 24 घंटे तक खुले रखे जा सकेंगे।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने कारोबारियों को काम करने की अधिक स्वतंत्रता देने का निर्णय लिया है ताकि पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिले। उन्होंने कहा कि हिमाचल एक प्रमुख पर्यटन राज्य है और यहां आने वाले पर्यटकों की जरूरतों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य रोजगार के नए अवसर पैदा करना, कारोबार को बढ़ावा देना और निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना है। इस फैसले से होटल उद्योग, रेस्टोरेंट व्यवसाय और सेवा क्षेत्र को विशेष लाभ मिलेगा।

भाजपा के विरोध पर दिया जवाब

24 घंटे कारोबार की अनुमति के फैसले पर भाजपा द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लिए गए हर सकारात्मक कदम का विरोध करना विपक्ष की आदत बन चुकी है। उन्होंने कहा कि जब सरकार व्यापारियोंए युवाओं और पर्यटन क्षेत्र के हित में निर्णय लेती है तो भाजपा उसे भी विवाद का विषय बनाने लगती है। सुक्खू ने कहा कि उनकी सरकार इंस्पेक्टर राज को खत्म कर पारदर्शी और कारोबारी हितैषी व्यवस्था स्थापित करना चाहती है। ऐसे फैसलों से प्रदेश में रोजगार बढ़ेगा, राजस्व में वृद्धि होगी और पर्यटन क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी।

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महंगाई और ईंधन कीमतों पर केंद्र सरकार को घेरा

मुख्यमंत्री ने इस दौरान बढ़ती महंगाई और ईंधन की कीमतों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लगातार पेट्रोल और डीजल पर करों का बोझ बढ़ाकर आम लोगों की जेब पर असर डाल रही है। दूसरी ओर राज्य सरकार जनता को अधिक से अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराने और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का फोकस लोगों को राहत देने और विकास को गति देने पर हैए जबकि भाजपा केवल आरोप लगाने की राजनीति कर रही है।

चुनावों में भारी मतदान से उत्साहित कांग्रेस

स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों में लोगों की बड़ी भागीदारी पर मुख्यमंत्री ने संतोष जताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता लोकतांत्रिक प्रक्रिया में पूरे उत्साह के साथ हिस्सा ले रही है। मुख्यमंत्री ने मतदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती जनता की भागीदारी से ही संभव है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश भर में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों को लोगों का अच्छा समर्थन मिल रहा है और जनता विकास तथा जनहित की राजनीति के पक्ष में अपना विश्वास जता रही है।

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