शिमला। हिमाचल प्रदेश में मौसम का रुख एक बार फिर चिंता बढ़ाने वाला हो गया है। आज 11 अगस्त से वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो रहा है, जिसके चलते पहाड़ी इलाकों में अगले 96 घंटे तक भारी बारिश की आशंका है।
96 घंटे तक भारी बारिश
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, आज से 14 अगस्त तक भारी बारिश के आसार हैं- जिसे देखते हुए सूबे में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान कई इलाकों में जल भराव, भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसे हालात बनने की संभावना जताई गई है।
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आज का मौसम अलर्ट
कांगड़ा, चंबा और मंडी जिलों में एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान। ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और सोलन जिलों में यलो अलर्ट किया गया है। लोगों को निचले इलाकों, नदी-नालों के किनारे और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
आने वाले दिनों का पूर्वानुमान
- 12 अगस्त – कांगड़ा, मंडी और चंबा में ऑरेंज अलर्ट।
- 13 अगस्त – कांगड़ा और मंडी में भारी बारिश की चेतावनी।
- 14 अगस्त – कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला में भारी बारिश की संभावना।
- अन्य जिलों में इन दिनों यलो अलर्ट जारी रहेगा।
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मानसून का अब तक का कहर
इस मानसून सीजन में हिमाचल प्रदेश में 224 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 36 लोग अब भी लापता हैं।
- संपत्ति का नुकसान – करीब 1990 करोड़ रुपये की सरकारी और निजी संपत्ति नष्ट।
- मकानों का हाल – 495 मकान पूरी तरह ढह गए, 1545 को आंशिक क्षति।
- व्यापार और पशुधन पर असर – 311 दुकानें व 1946 गौशालाएं बर्बाद।
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आपदाओं का रिकॉर्ड
मानसून शुरू होने के बाद से अब तक-
- लैंडस्लाइड – 54 घटनाएं
- फ्लैश फ्लड – 58 घटनाएं
- बादल फटना – 30 घटनाएं
- इन घटनाओं ने न सिर्फ लोगों की जान ली है, बल्कि हजारों परिवारों को बेघर भी कर दिया है।
सावधानी ही सुरक्षा
मौसम विभाग ने लोगों से आग्रह किया है कि वे मौसम अलर्ट का पालन करें, अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों के पास न जाएं और बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में सतर्क रहें। प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को हाई अलर्ट पर रखा है, ताकि जरूरत पड़ते ही राहत-बचाव अभियान शुरू किया जा सके।
