शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने पंचायती राज विभाग में लंबे समय से चली आ रही पंचायत चौकीदार व्यवस्था को लेकर बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। प्रदेश की ग्राम पंचायतों में पंचायत चौकीदार श्रेणी के 566 रिक्त पदों को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है। इसके साथ ही सरकार ने पंचायत चौकीदार के पूरे कैडर को डाइंग कैडर घोषित कर दिया है।

पंचायती राज विभाग ने जारी की अधिसूचना

सरकार के इस फैसले के बाद अब इन पदों पर भविष्य में नई भर्ती का रास्ता बंद हो गया है। वहीं, वर्तमान में कार्यरत पंचायत चौकीदारों के सेवानिवृत्त होने के बाद उनकी जगह मल्टी टास्क वर्करों की सेवाएं लेने की व्यवस्था की गई है। इस संबंध में पंचायती राज विभाग के सचिव सी. पालरासु की ओर से अधिसूचना जारी की गई है।

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आदेश जारी होने के साथ ही यह निर्णय पूरे हिमाचल प्रदेश में प्रभावी हो गया है। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि पंचायत चौकीदार श्रेणी के जो 566 पद रिक्त थे, उन्हें अब समाप्त कर दिया गया है। यानी इन पदों को आगे रिक्त पदों के रूप में बनाए नहीं रखा जाएगा।

566 खाली पदों पर अब नहीं होगी भर्ती

पंचायत चौकीदारों के कैडर को समाप्त करने का निर्णय अचानक नहीं लिया गया है। यह फैसला 20 जुलाई को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया था। कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद पंचायती राज विभाग ने अब इसे औपचारिक रूप से लागू कर दिया है। मंत्रिमंडल के एजेंडे में यह निर्णय मद संख्या-61 के तहत शामिल था।

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सरकार के फैसले का सबसे सीधा असर पंचायत चौकीदार के रिक्त पदों पर पड़ेगा। प्रदेश में पंचायत चौकीदार श्रेणी के 566 पद खाली थे, लेकिन अब इन पदों को समाप्त कर दिया गया है। इसका अर्थ यह है कि इन पदों को भरने के लिए न तो भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी और न ही भविष्य में इन रिक्तियों को दोबारा सृजित किया जाएगा।

डाइंग कैडर घोषित होने का क्या मतलब?

किसी पद या सेवा कैडर को डाइंग कैडर घोषित करने का सामान्य अर्थ है कि उस कैडर में आगे नई नियुक्तियां नहीं की जातीं और मौजूदा कर्मचारी सेवा में रहते हुए धीरे-धीरे सेवानिवृत्त होते जाते हैं। पंचायत चौकीदार कैडर के मामले में भी सरकार ने इसी दिशा में व्यवस्था लागू की है। वर्तमान में जो कर्मचारी इस श्रेणी में कार्यरत हैं, उनकी सेवा तत्काल खत्म करने की बात अधिसूचना में नहीं है।

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बल्कि उनके सेवानिवृत्त होने के बाद पद को आगे जारी रखने के बजाय वैकल्पिक व्यवस्था अपनाई जाएगी। सरकार ने पंचायत चौकीदार व्यवस्था के स्थान पर मल्टी टास्क वर्करों की सेवाएं लेने का निर्णय किया है। मौजूदा पंचायत चौकीदारों के सेवानिवृत्त होने के बाद संबंधित कार्यों के लिए मल्टी टास्क वर्करों की सेवाओं का उपयोग किया जाएगा। इस बदलाव से पंचायत स्तर पर कर्मचारियों की जिम्मेदारियों और कार्यप्रणाली में भी परिवर्तन आने की संभावना है।

भविष्य में चौकीदार के पद पर नई नियुक्ति नहीं

सरकार द्वारा कैडर को डाइंग घोषित किए जाने के बाद अब पंचायत चौकीदार के पद पर भविष्य में नई भर्ती या नियुक्ति नहीं होगी। ऐसे में इस श्रेणी में नौकरी की उम्मीद लगाए बैठे युवाओं के लिए यह फैसला महत्वपूर्ण है। वहीं, सरकार की ओर से इसे प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव और उपलब्ध मानव संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। पंचायत चौकीदार लंबे समय से ग्रामीण पंचायत व्यवस्था का हिस्सा रहे हैं।

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ऐसे में इस कैडर को समाप्त करने का निर्णय पंचायत स्तर पर कामकाज की मौजूदा व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव है। अब आने वाले वर्षों में जैसे-जैसे वर्तमान पंचायत चौकीदार सेवानिवृत्त होंगे, उनकी जगह मल्टी टास्क वर्करों को जिम्मेदारी दिए जाने से पंचायतों में कर्मचारियों की भूमिका और कार्य आवंटन का स्वरूप बदल सकता है।

कैडर को डाइंग घोषित करने संबंधी आदेश लागू

फिलहाल सरकार ने 566 रिक्त पदों को खत्म करने और पंचायत चौकीदार कैडर को डाइंग घोषित करने संबंधी आदेश लागू कर दिए हैं। अब इसका अगला प्रभाव मौजूदा पंचायत चौकीदारों की सेवानिवृत्ति और उनके स्थान पर मल्टी टास्क वर्करों की तैनाती के दौरान देखने को मिलेगा।

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