शिमला। अप्रैल के मध्य में भी हिमाचल प्रदेश में सर्दियों जैसा मौसम लौट आया है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी और निचले इलाकों में हुई बारिश के चलते तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। हालात ऐसे हैं कि कई जगहों पर लोगों को दोबारा गर्म कपड़े निकालने पड़े हैं।
पहाड़ों पर बर्फ, मैदानों में बारिश से बदला मौसम
लाहौल-स्पीति का केलांग माइनस 0.9 डिग्री के साथ प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा। कुकुमसेरी में तापमान माइनस 0.6 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि किन्नौर के कल्पा में 0.6 डिग्री और राजधानी शिमला में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री रिकॉर्ड हुआ।
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हालांकि रविवार सुबह प्रदेशभर में धूप खिलने से अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखी गई। ऊना में अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री और शिमला में 20.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा हिमपात
पिछले 24 घंटों के दौरान रोहतांग की अटल टनल समेत लाहौल-स्पीति, किन्नौर, कुल्लू और चंबा के ऊंचे क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी हुई। केलांग में 2 सेंटीमीटर और गोंदला में 3 सेंटीमीटर तक हिमपात दर्ज किया गया।
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कई इलाकों में झमाझम बारिश
मध्य और मैदानी क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई। सराहन में सबसे ज्यादा 25.3 मिलीमीटर वर्षा हुई। इसके अलावा मनाली में 11, कांगड़ा और रामपुर में 10-10, पालमपुर में 5.2, भटियात में 4.2 और धर्मशाला में 4.1 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इस बारिश से मौसम सुहावना जरूर हुआ है, लेकिन ठंड ने लोगों को परेशान कर दिया है।
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13 से 15 अप्रैल तक मौसम साफ
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 13 से 15 अप्रैल तक प्रदेश में मौसम साफ रहने की संभावना है। हालांकि यह राहत ज्यादा समय तक नहीं टिकेगी, क्योंकि 16 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है।
17-18 अप्रैल के लिए येलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने 17 और 18 अप्रैल के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, आंधी और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
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बागवानों के लिए बढ़ी चिंता
जहां यह मौसम पर्यटकों के लिए आकर्षण का कारण बन सकता है, वहीं किसानों और बागवानों के लिए चिंता बढ़ा रहा है। लगातार बदलते मौसम से फसलों और सेब की फ्लावरिंग पर असर पड़ने का खतरा मंडरा रहा है।
