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April 12, 2026
HRTC कंडक्टर मा*रपीट मामला: कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन; 'हिमाचल बंद' की दी चेतावनी
विधायक के ड्राइवर के बेटे और शिक्षक पर मा*रपीट के लगाए गंभीर आरोप
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मंडी। हिमाचल प्रदेश में मंडी जिले के जोगिंदरनगर में एचआरटीसी बस कंडक्टर से हुई मारपीट का मामला अब प्रदेशव्यापी मुद्दा बनता जा रहा है। घटना के विरोध में राजधानी शिमला के पुराने बस अड्डे पर चालक-परिचालक यूनियन ने जोरदार प्रदर्शन किया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। कर्मचारियों का कहना है कि ड्यूटी के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन लगातार हो रही घटनाओं ने हालात चिंताजनक बना दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक जोगिंदरनगर रूट पर चल रही बस को रास्ते में खड़ी एक स्कूटी के कारण आगे बढ़ने में दिक्कत हो रही थी। कंडक्टर ने स्कूटी हटाने का आग्रह किया, जिस पर विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि स्कूटी सवार युवक ने पहले गाली-गलौज की और फिर अपने साथियों को मौके पर बुला लिया। कुछ ही देर में पहुंचे युवकों ने मिलकर कंडक्टर पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
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इस पूरे घटनाक्रम में नया मोड़ तब आया जब आरोप लगा कि मुख्य आरोपी एक भाजपा विधायक के ड्राइवर का बेटा है। इस खुलासे के बाद मामला और संवेदनशील हो गया है और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। यूनियन ने साफ कहा है कि किसी भी प्रकार के राजनीतिक दबाव में आकर मामले को दबाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
घटना के विरोध में शिमला में हुए प्रदर्शन के दौरान यूनियन नेताओं ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी। उनका कहना है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कर्मचारियों ने यह भी ऐलान किया कि संबंधित रूट पर बस सेवाएं फिलहाल बंद रखी जाएंगी।
यूनियन के पदाधिकारियों ने साफ शब्दों में कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो पूरे प्रदेश में बसों के पहिए थम सकते हैं। यहां तक कि ‘हिमाचल बंद’ का भी ऐलान किया जा सकता है। कर्मचारियों का कहना है कि यह केवल एक घटना नहीं, बल्कि लगातार हो रही मारपीट की घटनाओं के खिलाफ निर्णायक लड़ाई है।
यूनियन ने पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं और कहा कि शिकायत दर्ज करने में देरी से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ी है। अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की जा रही है।
कर्मचारी संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि मामले को दबाया गया या समझौते का प्रयास हुआ, तो आंदोलन को प्रदेशभर में और व्यापक किया जाएगा। साथ ही आम जनता से भी अपील की गई है कि ऐसी घटनाओं के दौरान मूकदर्शक न बनें और कर्मचारियों का साथ दें।