शिमला। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले की गूंज अब हिमाचल प्रदेश के शांत और लोकप्रिय पर्यटन स्थलों तक पहुंचने लगी है। प्रदेश में इस हमले के बाद का असर सीधे तौर पर पर्यटन कारोबार पर देखने को मिल रहा है। बीते वीकेंड के मुकाबले वीरवार को पर्यटक स्थलों पर सैलानियों की मौजूदगी में बड़ी गिरावट देखी गई है। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि देश की आंतरिक सुरक्षा घटनाएं अब पहाड़ियों की अर्थव्यवस्था तक असर डालने लगी हैं।

रद्द हुईं वीकेंड बुकिंग्स

सबसे ज्यादा असर सोलन जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों चायल और कसौली में देखा गया है। चायल होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष देवेंद्र वर्मा के मुताबिक, आगामी वीकेंड के लिए होटलों की करीब 100 फीसदी बुकिंग पहले से हो चुकी थी, लेकिन जैसे ही पहलगाम की घटना सामने आई, लगभग 50 फीसदी बुकिंग्स रद्द कर दी गईं। वहीं, कसौली में तो हालात और भी गंभीर हैं।

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कसौली होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार सिंगला का कहना है कि अब पर्यटकों के पूछताछ कॉल तक आने बंद हो गए हैं। जहां पहले हर रोज कई पर्यटक फोन पर कमरों की उपलब्धता पूछते थे, अब वहां सन्नाटा पसरा है।

हिमाचल में आतंकी हमले की गूंज

राजधानी शिमला, कुफरी और नारकंडा जैसे लोकप्रिय डेस्टिनेशनों में भी सैलानियों की संख्या में कमी देखी गई है। शिमला के रिज और मालरोड जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में वीरवार को अपेक्षाकृत कम चहल-पहल देखने को मिली। गर्मियों की छुट्टियों के चलते आमतौर पर अप्रैल-मई के महीनों में यहां पर्यटकों की भारी आमद रहती है, लेकिन अब ये तस्वीर थोड़ी बदलती नजर आ रही है।

पर्यटकों के लिए हिमाचल सुरक्षित

हालांकि, फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गजेंद्र चंद ठाकुर का मानना है कि यह प्रभाव अस्थायी है। उन्होंने कहा, “यह घटना देशभर को झकझोर देने वाली थी, इसलिए पर्यटकों की प्रतिक्रिया स्वाभाविक है। लेकिन हिमाचल अब भी पर्यटकों के लिए पूरी तरह से सुरक्षित और तैयार है। हम उम्मीद करते हैं कि अगले कुछ दिनों में स्थिति सामान्य हो जाएगी और पर्यटन कारोबार फिर से रफ्तार पकड़ेगा।”

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बढ़ाई गई सुरक्षा, चप्पे-चप्पे पर निगरानी

सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह चौकस है। सोलन के ASP राजकुमार के अनुसार, परवाणू और बद्दी में विशेष रूप से पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। प्रदेश की सीमाओं से प्रवेश करने वाले हर वाहन की गहनता से जांच की जा रही है। इसके साथ ही NH और पर्यटक स्थलों पर गश्त बढ़ा दी गई है। चायल और कसौली में होटलों में ठहरे पर्यटकों के रिकॉर्ड की जांच भी की जा रही है ताकि कोई संदिग्ध गतिविधि सामने न आए। हिमाचल सरकार और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोग उम्मीद कर रहे हैं कि यह अस्थायी झटका जल्द ही खत्म होगा और प्रदेश का पर्यटन कारोबार फिर से अपनी पुरानी चमक हासिल करेगा।

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