कांगड़ा। जम्मू कश्मीर में बढ़ते तनाव के बीच हिमाचल के लिए एक बुरी खबर आई है। हिमाचल का एक और लाल देश के लिए शहीद हुआ है और इस खबर के बाद पूरे प्रदेश में दुख की लहर दौड़ पड़ी है। बताते चलें कि जम्मू कश्मीर के बॉर्डर एरिया में हालात खराब चल रहे हैं।
2 महीने बाद ही थी रिटायरमेंट
रिटायरमेंट की तैयारी कर रहे सूबेदार मेजर पवन कुमार अब तिरंगे में लिपटकर अपने गांव लौटेंगे। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के शाहपुर निवासी पवन कुमार को अगले दो-तीन महीनों में सेना से सेवानिवृत्त होना था। लेकिन देश सेवा में उन्होंने अपना सब कुछ समर्पित कर दिया। जम्मू-कश्मीर के राजौरी सेक्टर में पाकिस्तान की ओर से की गई भारी गोलीबारी में वह शहीद हो गए।परिवार को उम्मीद थी कि पवन अब घर लौटेंगे, बच्चों के साथ समय बिताएंगे, बुजुर्ग मां-पिता के साथ आराम का जीवन जिएंगे। लेकिन नियति को कुछ और मंजूर था।
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पाक गोलीबारी के बीच जवाबी कार्रवाई में हुए घायल
बीते चार दिनों से पाकिस्तान की ओर से सीमाओं पर लगातार हमले हो रहे हैं। ड्रोन, मिसाइल और रॉकेट हमलों के बीच शुक्रवार की रात राजौरी सेक्टर में अचानक गोलीबारी शुरू हो गई। पवन कुमार अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। साथियों के साथ मिलकर उन्होंने मोर्चा संभाला और जवाबी फायरिंग की। इसी दौरान वे गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।
सेना ने सुबह 9 बजे दी परिजनों को सूचना
शनिवार सुबह करीब 9 बजे सेना की ओर से शहीद पवन कुमार के परिवार को सूचना दी गई। शाहपुर नगर पंचायत के पार्षद शुभम ने बताया कि जैसे ही ये खबर गांव में फैली, पूरा क्षेत्र शोक में डूब गया। फिलहाल राजौरी में शहीद की पार्थिव देह का पोस्टमॉर्टम चल रहा है। इसके बाद पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव लाया जाएगा।
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सेना से रिटायर्ड पिता के बेटे ने दी सर्वोच्च बलि
पवन कुमार एक सैनिक परिवार से थे। उनके पिता गरज सिंह सेना से हवलदार पद पर सेवानिवृत्त हुए थे। पवन कुमार की परवरिश ही देशभक्ति के माहौल में हुई थी। उन्होंने भी 25 पंजाब रेजिमेंट में शामिल होकर देश सेवा का संकल्प निभाया। अपने पीछे वह पत्नी, एक बेटा, एक बेटी और माता-पिता को छोड़ गए हैं।
एसडीएम शाहपुर ने परिजनों से की पुष्टि
एसडीएम शाहपुर करतार चंद ने बताया कि उन्हें सेना की ओर से औपचारिक जानकारी नहीं मिली है, लेकिन परिजनों से सूचना प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि संबंधित यूनिट से पूरी जानकारी मांगी जा रही है।
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रिटायरमेंट से पहले अंतिम सलामी
जिस घर में रिटायरमेंट की चर्चा चल रही थी, अब वहां शहीद के स्वागत की तैयारी है। मिठाई की जगह अब आंखों में आंसू और श्रद्धांजलि की थालियां होंगी। सूबेदार मेजर पवन कुमार देश के लिए वो बलिदान कर गए, जिसकी कोई कीमत नहीं होती।
