शिमला। हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल IGMC शिमला के डॉक्टरों ने एक बेहद जटिल मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। डॉक्टरों ने एक युवक के फेफड़े से पेच निकाला है- जो कि पिछले तीन साल से फंसा हुआ था।
3 साल तक फेफड़े में फंसा रहा पेच
बताया जा रहा है कि युवक लंबे समय से लगातार खांसी से परेशान था। कई अस्पतालों में इलाज करवाने के बावजूद बीमारी का कारण सामने नहीं आ पा रहा था। मगर IGMC के डॉक्टरों ने ब्रोंकोस्कॉपी तकनीक के जरिए उस पेच को सफलतापूर्वक बाहर निकाल दिया।
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खांसी से परेशान था युवक
जानकारी के अनुसार, सिरमौर जिले के कुलथिना गांव का 27 वर्षीय युवक लगातार खांसी और सांस से जुड़ी दिक्कतों से जूझ रहा था। उसने निजी और सरकारी अस्पतालों में कई बार जांच करवाई। X-ray, CT-Scan और MRI जैसी जांचों के बावजूद डॉक्टर बीमारी की असली वजह तक नहीं पहुंच सके।
IGMC पहुंचा युवक
लगातार परेशानी के बाद युवक उपचार के लिए IGMC पहुंचा, जहां पल्मोनरी विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. सुरभि जग्गी ने उसकी पुरानी रिपोर्टों का अध्ययन किया और ब्रोंकोस्कॉपी कराने की सलाह दी।
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फेफड़े में फंसा पेच
जांच के दौरान पता चला कि युवक के दाहिने फेफड़े के निचले हिस्से के ब्रोंकस में करीब एक इंच लंबा और मोटा पेच फंसा हुआ है। मेडिकल टीम ने बिना देरी किए ब्रोंकोस्कॉपी प्रक्रिया शुरू की और फॉरसेप्स की मदद से महज सात मिनट के भीतर पेच को बाहर निकाल लिया। खास बात यह रही कि पूरी प्रक्रिया पहली ही कोशिश में सफल रही।
सात मिनट में निकाला पेच
डॉक्टरों के अनुसार युवक को खुद भी यह जानकारी नहीं थी कि उसने कब यह पेच निगल लिया था। लंबे समय तक यह धातु का टुकड़ा फेफड़े में फंसा रहने से उसे लगातार खांसी की समस्या बनी हुई थी। पेच निकलने के बाद मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ है और अब वह पहले से काफी स्वस्थ महसूस कर रहा है।
