चंबा। हिमाचल प्रदेश की पवित्र धरा ‘शिवभूमि’ चंबा से इस वर्ष की मणिमहेश यात्रा को लेकर एक बड़ी और चर्चित खबर सामने आई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के इस साल प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा में शामिल होने की संभावना ने पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल पैदा कर दिया है।
मणिमहेश यात्रा में शामिल होंगे राहुल गांधी
जिला कांग्रेस कमेटी चंबा के अध्यक्ष एडवोकेट सुरजीत शर्मा भरमौरी के अनुसार, राहुल गांधी को इस पवित्र यात्रा में शामिल होने के लिए औपचारिक निमंत्रण दिया गया था, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है।
यह भी पढ़ें- हिमाचल में फौजी की बेटी ने किया टॉप, मां के छलके आंसू- 500 में 488 अंक लेकर पाया 9वां स्थान
निमंत्रण किया स्वीकार
बताया गया कि यह निमंत्रण व्यक्तिगत तौर पर उनके माता-पिता की ओर से सौंपा गया। जिसे राहुल गांधी ने स्वीकार करते हुए अपनी सहमति जताई। राहुल गांधी के संभावित आगमन की खबर सामने आते ही भरमौर और चंबा क्षेत्र में उत्साह की लहर दौड़ गई है।
उत्साह की लहर दौड़ी
स्थानीय लोग इसे न केवल एक राजनीतिक बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मान रहे हैं। उनका कहना है कि राष्ट्रीय स्तर के एक बड़े नेता की मौजूदगी से इस ऐतिहासिक यात्रा को देशभर में नई पहचान मिलेगी और इससे क्षेत्र की धार्मिक आस्था को भी मजबूती मिलेगी।
यह भी पढ़ें- हिमाचल : पत्नी के हक में कोर्ट का बड़ा फैसला- नौकरी करने पर भी मिलेगा गुजारा भत्ता, पति की अपील खारिज
तैयारियों में जुटी कांग्रेस
एडवोकेट सुरजीत शर्मा ने इस पहल को धार्मिक पर्यटन के लिहाज से भी अहम बताया। उनका मानना है कि मणिमहेश यात्रा पहले से ही हिमाचल प्रदेश के प्रमुख तीर्थ स्थलों में गिनी जाती है। मगर राहुल गांधी की भागीदारी इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक प्रसिद्धि दिला सकती है। इससे स्थानीय व्यापार, पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
केदारनाथ भी जा चुके हैं राहुल
यह भी उल्लेखनीय है कि इससे पहले राहुल गांधी उत्तराखंड स्थित प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की यात्रा कर चुके हैं, जहां उन्होंने भगवान शिव के दर्शन कर देश की सुख-समृद्धि की कामना की थी। ऐसे में मणिमहेश यात्रा में उनका संभावित शामिल होना उनकी धार्मिक आस्था की निरंतरता के रूप में देखा जा रहा है।
यह भी पढ़ें- हिमाचल : अपनी ही सरकार में सुरक्षित नहीं है नेता! APMC चेयरमैन की गाड़ी का अज्ञातों ने किया पीछा
मणिमहेश यात्रा की मान्यता
मणिमहेश यात्रा का अपना एक विशेष आध्यात्मिक और ऐतिहासिक महत्व है। इस यात्रा का मुख्य केंद्र मणिमहेश झील है, जो पवित्र कैलाश पर्वत की छाया में स्थित मानी जाती है। जन्माष्टमी से लेकर राधाष्टमी तक चलने वाली यह यात्रा सदियों से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रही है।
देश-विदेश से आते हैं श्रद्धालु
हर वर्ष हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर पवित्र स्नान करते हैं और भगवान शिव के दर्शन कर अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। इस बार की यात्रा को लेकर माहौल पहले से ही खास बन गया है।
