मंडी। हिमाचल प्रदेश में इन दिनों पंचायत चुनावों को लेकर सियासत गरमाई हुई है। मंडी जिले के महादेव पंचायत में इस बार पंचायत चुनाव सिर्फ विकास और वादों की लड़ाई नहीं- बल्कि रिश्तों की भी परीक्षा बन गए हैं।
आमने-सामने दो भाई
कल तक एक साथ पंचायत चलाने वाले दो चचेरे भाई अब प्रधान की कुर्सी के लिए आमने-सामने खड़े हैं। गांव की गलियों से लेकर चाय की दुकानों तक हर जगह बस इसी मुकाबले की चर्चा हो रही है।
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पिछले कार्यकाल में साथ किया काम
पिछले कार्यकाल में नीलकमल पंचायत प्रधान थे, जबकि उनके बड़े चचेरे भाई दुनी चंद उपप्रधान की जिम्मेदारी निभा रहे थे। दोनों ने मिलकर पंचायत के कई विकास कार्य करवाए और लंबे समय तक उनकी जोड़ी पंचायत की राजनीति में मजबूत मानी जाती रही। मगर चुनाव आते ही हालात बदल गए और अब दोनों एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में उतर चुके हैं।
परिवार में खिंची दीवारें
महादेव पंचायत में प्रधान पद के लिए कुल आठ उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। मगर सबसे ज्यादा नजरें नीलकमल और दुनी चंद के मुकाबले पर टिकी हुई हैं। दोनों का घर भी एक-दूसरे से करीब 20 मीटर की दूरी पर है, मगर चुनावी माहौल ने रिश्तों के बीच अलग ही खामोशी ला दी है।
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पहले पूरा परिवार था एकजुट
गांव के लोग बताते हैं कि पिछली बार पूरा परिवार एकजुट होकर चुनाव लड़ा था, लेकिन इस बार परिवार के भीतर ही वोटों का बंटवारा साफ दिखाई दे रहा है। संयुक्त परिवार में कुल 42 वोट हैं, जिनमें से 29 वोट दुनी चंद के परिवार और 13 वोट नीलकमल के परिवार के बताए जा रहे हैं। ऐसे में मुकाबला सिर्फ पंचायत का नहीं, बल्कि परिवार के भीतर प्रभाव और समर्थन का भी बन गया है।
पुराने रिश्तों को चुनाव में मुद्दा
दुनी चंद अपने उपप्रधान कार्यकाल के अनुभव और लोगों से पुराने रिश्तों को चुनाव में मुद्दा बना रहे हैं। वहीं नीलकमल अपने कार्यकाल में हुए विकास कार्यों और राजनीतिक पहुंच का हवाला देकर जनता से समर्थन मांग रहे हैं। दोनों पक्ष अपने-अपने तरीके से मतदाताओं को साधने में जुटे हुए हैं।
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इस वार्ड में चुनाव अहम
पंचायत में कुल 2534 मतदाता हैं, जिनमें 1268 महिला और 1266 पुरुष वोटर शामिल हैं। दोनों उम्मीदवारों का गृह वार्ड नंबर सात है, जहां अकेले 354 मतदाता हैं। यही वार्ड इस चुनाव में सबसे अहम माना जा रहा है, क्योंकि यहां का रुझान पूरे चुनाव का माहौल बदल सकता है।
चर्चा का विषय बना मुकाबला
महादेव पंचायत का यह मुकाबला अब इलाके में चर्चा का बड़ा विषय बन चुका है। लोग यह देखने के लिए उत्सुक हैं कि आखिर पंचायत की जनता किस भाई पर भरोसा जताती है और किसके सिर प्रधान की ताज सजता है।
