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May 12, 2026

नशे के खिलाफ सुक्खू सरकार का सबसे बड़ा फैसला- अब सरकारी नौकरी से पहले होगा चिट्टा टेस्ट

अब बिना ड्रग टेस्ट नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी

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himachal news

शिमला। हिमाचल प्रदेश में बढ़ते चिट्टा कारोबार और युवाओं में फैलती नशे की लत को रोकने के लिए सुक्खू सरकार अब बड़ा और सख्त कदम उठाने जा रही है। प्रदेश सरकार ने फैसला लिया है कि अब सरकारी नौकरी पाने वाले अभ्यर्थियों के लिए एंटी-चिट्टा टेस्ट अनिवार्य होगा। भर्ती परीक्षा पास करने के बाद चयनित उम्मीदवारों की ड्रग स्क्रीनिंग की जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर ही अंतिम नियुक्ति दी जाएगी। सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को राज्य सचिवालय शिमला में प्रेस वार्ता के दौरान इस बड़े फैसले की घोषणा की।

प्रोफेशनल कोर्स करने वाले छात्रों की भी होगी जांच

सरकार केवल सरकारी नौकरी तक ही यह व्यवस्था सीमित नहीं रखेगी। मेडिकल, इंजीनियरिंग, नर्सिंग, फार्मेसी और अन्य प्रोफेशनल कोर्स करने वाले विद्यार्थियों की भी हर साल ड्रग स्क्रीनिंग करवाई जाएगी। सरकार संस्थानों के माध्यम से नियमित ड्रग स्क्रीनिंग तंत्र विकसित करने की तैयारी में है ताकि युवाओं को शुरुआती स्तर पर ही नशे से दूर रखा जा सके।

 

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सजा नहीं, इलाज होगा

मुख्यमंत्री ने साफ किया कि यदि कोई छात्र या अभ्यर्थी ड्रग टेस्ट में फेल होता है तो उसे अपराधी की तरह नहीं देखा जाएगा। ऐसे लोगों को सजा देने की बजाय उनका इलाज करवाया जाएगा।

 

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सरकार का कहना है कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रह सकती, बल्कि इसके लिए सामाजिक और स्वास्थ्य स्तर पर भी काम करना जरूरी है।

अधिकारियों की ACR में जुड़ेगी एंटी ड्रग परफॉर्मेंस

प्रदेश सरकार अब प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही भी तय करेगी। जिला उपायुक्तों (DC) और पुलिस अधीक्षकों (SP) की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट यानी ACR में एंटी ड्रग्स परफॉर्मेंस को शामिल किया जाएगा। संबंधित जिले में चिट्टा तस्करी रोकने, जागरूकता फैलाने और ड्रग नेटवर्क तोड़ने में अधिकारियों की भूमिका का मूल्यांकन किया जाएगा।

 

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सरकार का बड़ा संदेश

सरकार के इस फैसले को हिमाचल में बढ़ते चिट्टा संकट के खिलाफ सबसे बड़े अभियानों में से एक माना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश के कई जिलों में चिट्टे के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। अब सरकार प्रशासन, शिक्षा संस्थानों और स्वास्थ्य विभाग को साथ लेकर नशे के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने की तैयारी में है।

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